राजस्थान फार्मर रजिस्ट्री में देश में अव्वल : राजस्व मंत्री
राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक
राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक


जयपुर, 3 अप्रैल (हि.स.)। राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमन्त मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में फार्मर रजिस्ट्री में पीएम किसान के 81 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन कर राजस्थान ने देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सफल प्रयासों का ही परिणाम है कि फार्मर रजिस्ट्री में प्रदेश के 73 लाख से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाबद्ध रूप से कार्य कर फार्मर रजिस्ट्री के शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश दिए।

मीणा बुधवार को शासन सचिवालय में वीसी के माध्यम से राजस्व तथा उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को सीमाज्ञान, आपसी सहमति से बंटवारा, भू-रूपांतरण के लंबित प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग कर त्वरित निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सीमाज्ञान के लिए संचालित ई-धरती पोर्टल में आवश्यक संशोधन कर इसे और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें।

राजस्व मंत्री ने कहा कि राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों का व्यवस्थित और समयबद्ध निस्तारण कर अधिकारी जीरो पेंडेंसी पर कार्य करना सुनिश्चित करें।

बैठक में मीणा ने राजस्व मंडल एवं अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों, संभागीय आयुक्त न्यायालयों, जिला कलक्टर न्यायालयों के लंबित वादों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 10 से अधिक वर्षों से लंबित राजस्व वादों का प्रत्येक न्यायालय चिन्हित कर प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।

मीणा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान में किए गए एमओयू प्रदेश के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने समस्त जिला कलेक्टर्स को राजनिवेश पोर्टल के माध्यम से राइजिंग राजस्थान के भू-आवंटन, नामांतरण दर्ज करने, संपरिवर्तन आदि प्रकरणों की जांच कर गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने उपनिवेशन विभाग द्वारा किए गए कार्यों की भी समीक्षा की।

राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री में रजिस्ट्रेशन के लिए जिला कलेक्टर पटवार मंडल स्तरों पर डोर-टू-डोर रजिस्ट्रेशन चालू रखें, जिससे फार्मर रजिस्ट्री के शत प्रतिशत लक्ष्य को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को भू रूपांतरण के प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश प्रदान किए।

बैठक में राजस्व मंडल अध्यक्ष हेमन्त कुमार गेरा ने मंडल द्वारा किये गए नवाचारों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राजस्व मंडल में प्रतिदिन 15 सबसे पुराने मामलों की सुनवाई अनिवार्य की गई है। इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। मंडल अध्यक्ष ने बताया कि न्यायिक कार्य के लिए दो पारियों की शुरुआत की गई है, इससे राजस्व न्यायालयों की कार्यकुशलता तथा राजस्व प्रकरणों के निस्तारण प्रतिशत में सकारात्मक वृद्धि हुई है। साथ ही, विचाराधीन वाद जिसमें सरकार पक्षकार है, इनका प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है।

बैठक में संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स एवं आयुक्त, उपनिवेशन वीसी के माध्यम से तथा निबंधक, राजस्व मंडल, भू प्रबन्ध आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित