Enter your Email Address to subscribe to our newsletters
जम्मू, 3 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू की प्रो. ऋचा कोठारी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, अजमेर द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रतिष्ठित महिला वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में उन महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
प्रो. कोठारी को बायोएनर्जी और कम लागत वाले अपशिष्ट जल उपचार के लिए बायोमटेरियल में उनके अभूतपूर्व शोध के लिए सम्मानित किया गया जो ऐसे क्षेत्र हैं जो पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। टिकाऊ बायोएनर्जी समाधानों और अभिनव अपशिष्ट जल उपचार प्रौद्योगिकियों पर उनके काम ने पर्यावरणीय स्थिरता पर इसके प्रभाव के लिए महत्वपूर्ण मान्यता प्राप्त की है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति प्रो. संजीव जैन ने प्रो. कोठारी को बधाई दी और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उनके समर्पण और नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मान विज्ञान और शिक्षा जगत में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. यशवंत सिंह ने भी प्रो. कोठारी की उपलब्धि की सराहना की और उन्हें महत्वाकांक्षी महिला वैज्ञानिकों के लिए एक अग्रणी और प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा शोध और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय है और यह पुरस्कार उनके प्रयासों की एक अच्छी तरह से योग्य मान्यता है।
इस सम्मान को स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के डीन प्रो. सुनील धर और पर्यावरण विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों ने सराहा और वैज्ञानिक समुदाय में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रो. कोठारी की सराहना की। अपने स्वीकृति भाषण में प्रो. कोठारी ने सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और पुरस्कार को विज्ञान में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्पित किया। उन्होंने महिला शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर और सहायता प्रणाली बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और संस्थानों से ऐसे मंच प्रदान करने का आग्रह किया जो महिला वैज्ञानिकों को उत्कृष्टता प्राप्त करने की अनुमति दें।
इस कार्यक्रम में विज्ञान में महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित पैनल चर्चा और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं जहाँ अग्रणी महिला विद्वानों ने क्षेत्र में बाधाओं को तोड़ने के बारे में अपने अनुभव, चुनौतियाँ और अंतर्दृष्टि साझा कीं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा