(अपडेट) प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की प्रधानमंत्री से मुलाकात की
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से बैंकॉक में मुलाकात की। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने स्वागत किया। यह उनकी दूसरी मुला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को थाईलैंड की प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से बैंकॉक में मुलाकात की। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने स्वागत किया। यह उनकी दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले, दोनों नेताओं की मुलाकात अक्टूबर 2024 में वियनतियाने में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

प्रधानमंत्री मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की। उन्होंने राजनीतिक आदान-प्रदान, रक्षा और सुरक्षा साझेदारी, रणनीतिक जुड़ाव, व्यापार और निवेश तथा लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। ऐसा करते हुए उन्होंने कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्टार्ट-अप, नवाचार, डिजिटल, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर घोटाले सहित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों का मुकाबला करने के लिए सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बिम्सटेक, आसियान और मेकांग गंगा सहयोग सहित उप-क्षेत्रीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में घनिष्ठ सहयोग बनाने के तरीकों पर चर्चा की।

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी की स्थापना पर संयुक्त घोषणापत्र का आदान-प्रदान किया। उन्होंने हथकरघा और हस्तशिल्प, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और समुद्री विरासत के क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी देखा। दोनों नेताओं ने भारत-थाईलैंड कांसुलर वार्ता की स्थापना का भी स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संपर्क को और सुविधाजनक बनाएगा।

बयान में कहा गया है कि सद्भावना के संकेत के रूप में थाई सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को चिह्नित करने के लिए 18वीं शताब्दी के रामायण भित्ति चित्रों को दर्शाते हुए एक विशेष डाक टिकट जारी किया। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को शिनावात्रा द्वारा पाली में बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथ त्रिपिटक का एक विशेष संस्करण भेंट किया गया। भारत और थाईलैंड के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत संबंधों को और गहरा करने के संकेत के रूप में प्रधानमंत्री ने गुजरात से खुदाई करके लाए गए भगवान बुद्ध के अवशेषों को थाईलैंड भेजने की पेशकश की, ताकि लोग उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट कर सकें। पिछले साल भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों के पवित्र अवशेष भारत से थाईलैंड आए थे और 4 मिलियन से अधिक लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।

भारत और थाईलैंड समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक संबंध हैं, जिनमें रामायण और बौद्ध धर्म के संबंध भी शामिल हैं। थाईलैंड के साथ भारत के संबंध हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, आसियान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी, विजन महासागर और इंडो-पैसिफिक के हमारे दृष्टिकोण का एक अभिन्न स्तंभ हैं। दोनों देशों के बीच निरंतर बातचीत ने सदियों पुराने संबंधों और साझा हितों के आधार पर एक मजबूत और बहुआयामी संबंध को जन्म दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार