महाराणा प्रताप की समाधि स्थल पर बने स्मारक और स्टैच्यू ऑफ स्वाधीनता, सांसद मन्नालाल रावत ने उठाया मुद्दा
उदयपुर, 3 अप्रैल (हि.स.)। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने संसद में बण्डोली स्थित महाराणा प्रताप की समाधि स्थल पर भव्य स्मारक निर्माण और स्टैच्यू ऑफ स्वाधीनता बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना के तहत इसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज प
आदिवासी क्षेत्र में अनुसूचि 5 एवं अनुसूचि 6 के तहत वक्फ संपत्ति घोषित करने पर रोक के प्रावधान का स्वागत: सांसद मन्नालाल रावत


उदयपुर, 3 अप्रैल (हि.स.)। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने संसद में बण्डोली स्थित महाराणा प्रताप की समाधि स्थल पर भव्य स्मारक निर्माण और स्टैच्यू ऑफ स्वाधीनता बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना के तहत इसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव दिया। साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं के विकास की भी वकालत की।

सांसद रावत ने संसद में नियम 377 के तहत बताया कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के महान नायक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा और मुगलों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। उनका जीवन स्वाभिमान, मातृभूमि की रक्षा और सामाजिक समरसता के मूल्यों का प्रतीक है, जो आज भी भारत की अस्मिता का प्रतीक बने हुए हैं।

महाराणा प्रताप ने अपने शासनकाल में चावंड को राजधानी बनाया और यहीं अपना अंतिम समय व्यतीत किया। सांसद रावत ने बताया कि बण्डोली में स्थित उनके समाधि स्थल पर सर्व समाज की इच्छा के अनुरूप एक भव्य स्मारक का निर्माण किया जाए। उन्होंने भारत सरकार से स्वदेश दर्शन योजना के तहत इस क्षेत्र में पर्यटन विकास और आधारभूत संरचनाओं के विस्तार की मांग की। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ स्वाधीनता की स्थापना से महाराणा प्रताप के योगदान को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी और यह स्थान देशभक्ति और स्वाभिमान का केंद्र बनेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता