बलरामपुर : मनरेगा से बने कुएं से रामलाल के खेतों को मिल रहा है पानी, समय पर लगा रोपा, मनरेगा से श्रमिक व किसान हो रहे लाभान्वित
बलरामपुर, 3 अप्रैल (हि.स.)। विकासखण्ड राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा के रहने वाले रामलाल के खेतों को भरपूर पानी मिल रहा है। मनरेगा के माध्यम से रामलाल के खेत में कूप (कुआं) का निर्माण हुआ है। रामलाल मुस्कुराते हुए बताते हैं कि कूप निर्माण होने से खरी
कूप निर्माण से समय पर हो रही खेतों की सिंचाई।


रामलाल


बलरामपुर, 3 अप्रैल (हि.स.)। विकासखण्ड राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा के रहने वाले रामलाल के खेतों को भरपूर पानी मिल रहा है। मनरेगा के माध्यम से रामलाल के खेत में कूप (कुआं) का निर्माण हुआ है। रामलाल मुस्कुराते हुए बताते हैं कि कूप निर्माण होने से खरीफ के समय उनका रोपा सही समय में लगा। वे गांव के उन लोगों में है जिन्होंने सबसे पहले धान रोपाई का कार्य किया। मानसून के देर होने से कूप के ही पानी से खेतों की सिंचाई करते है। जिसके कारण उनके खेत में लगे फसलों की गारंटी मिल गई। कूप निर्माण के समय रामलाल एवं उसके परिवार के लोगों ने स्वयं काम करके मजदूरी के रूप में 10 हजार रुपये भी प्राप्त किए।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के कुशल प्रबंधन से मनरेगा जिले में अपनी वास्तविक उद्देश्यों को पूरा कर रही है तथा श्रमिक व कृषक वर्ग को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। रोजगार सृजन और स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण कर मनरेगा एक सफल योजना के रूप में जिले में स्थापित हो चुकी है। रामलाल जनपद पंचायत राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा के निवासी हैं तथा अनेकों अन्य हितग्राहियों की तरह रामलाल के खेत में मनरेगा के तहत कूप निर्माण की स्वीकृति मिली थी। कूप निर्माण के लिए रामलाल के खेत का चयन किया गया तथा निर्धारित समय पर कूप तैयार भी हो गया। कूप के माध्यम से रामलाल के दो एकड़ खेत की सिंचाई हो रही है और वे बरसात के साथ-साथ गर्मियों में भी फसल लेने के लिए उत्साहित हैं। धान की खेती के साथ ही भविष्य में पानी की आवश्यकता वाले अन्य फसलों की खेती का विचार कर रहे हैं, जो पहले संभव नहीं था।

रामलाल ने बताया कि खरीब फसल के पकने के बाद अच्छे उत्पादन की गारण्टी तो मिली ही, अब वे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता होने से धनिया, आलू, प्याज, टमाटर जैसे साग-सब्जी लगाकर रोज की सब्जी-भाजी के खर्च को बचा भी रहा है। आज रामलाल आत्मविश्वास से भरे है और कूप के बन जाने से परिवार के चेहरे मुस्कान से खिले है। खेती में सिंचाई की उपलब्धता तथा उचित कृषकीय प्रबंध से रामलाल अब उन्नत कृषक बनने की ओर अग्रसर हैं। जिले में मनरेगा रामलाल जैसे अनेको कृषकों के चेहरे पर खुशी लाने का पर्याय बन चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पाण्डेय