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कानपुर, 03 अप्रैल हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी कानपुर के स्पेस, प्लैनेटरी और एस्ट्रोनॉमिकल साइंसेज एवं इंजीनियरिंग विभाग ने रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र (आरएसके) के सहयोग से राज्य के सरकारी स्कूलों में एस्ट्रोनॉमी और साइंस क्लब शुरू करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य युवा मस्तिष्कों में विज्ञान और स्थान अनुसंधान में गहरी रुचि विकसित करना है, जिससे उन्हें इन रोमांचक क्षेत्रों का अन्वेषण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल मिल सके।
आईआईटी के स्पेश विभाग में संस्थान पोस्टडॉक्टोरल फेलो डॉ. तेजप्रीत कौर ने छात्रों की ब्रह्मांड की समझ को बढ़ाने में एस्ट्रोनॉमी के महत्व को उजागर किया। उन्होंने कहा कि एस्ट्रोनॉमी केवल सितारों को देखना नहीं है, बल्कि हमारे विशाल ब्रह्मांड में हमारे स्थान को समझना भी है। जो अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के विकास के लिए एस्ट्रोनॉमी कार्यालय द्वारा समर्थित खगोलवाणी एस्ट्रोनॉमी आउटरीच प्रोजेक्ट में भी शामिल हैं। छात्रों को और अधिक शामिल करने के लिए जल्द ही स्कूलों में खगोल विज्ञान गतिविधियों के साथ-साथ रात्रि-आकाश अवलोकन सत्र शुरू किए जाएंगे।
इसके अंतर्गत भाग लेने वाले विद्यालयों को विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए एस्ट्रोनॉमी और साइंस किट प्रदान किए जाएंगे। जिनमें सौ से अधिक हाथों से किए जाने वाले प्रयोग होंगे। ये किट छात्रों को इंटरेक्टिव लर्निंग में संलग्न करने के लिए सावधानी पूर्वक तैयार की गई हैं, जिससे वे वैज्ञानिक अवधारणाओं का अन्वेषण करते हुए प्रायोगिक अनुभव प्राप्त कर सकें।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुख्य प्रबंधक रूपेश गंगवार ने कहा कि कुछ चुने हुए स्कूलों में सफल पायलट चरण के बाद, हम अगले वर्ष इस पहल को व्यापक स्कूल नेटवर्क में विस्तारित करने के लिए आईआईटी कानपुर का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने पहले दस सरकारी स्कूलों में एस्ट्रोनॉमी और साइंस क्लबों की स्थापना का समर्थन करने के लिए सीएसआर फंडिंग प्रदान की है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप