गांधीनगर महानगर पालिका को 600 करोड़ रुपये आवंटित करने का सरकार का निर्णय
• नए समाविष्ट क्षेत्रों में ड्रैनेज वॉटर ट्रीटमेंट की सुविधा अधिक सुदृढ़ होगी • सीवेज का दूषित जल खेतों तथा सड़क मार्गों पर बहने की समस्या से मुक्ति मिलेगी गांधीनगर, 03 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर महानगर पालिका को सीवेज ट्
Bhupendra Patel


• नए समाविष्ट क्षेत्रों में ड्रैनेज वॉटर ट्रीटमेंट की सुविधा अधिक सुदृढ़ होगी

• सीवेज का दूषित जल खेतों तथा सड़क मार्गों पर बहने की समस्या से मुक्ति मिलेगी

गांधीनगर, 03 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर महानगर पालिका को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा उससे जुड़े दूषित जल प्रबंधन के कार्यों, वर्षा जल निकासी के नेटवर्क के कार्यों एवं वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन आदि कार्यों के लिए स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना अंतर्गत 606.34 करोड़ रुपये आवंटित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

इस राशि में से जासपुर एसटीपी एवं उससे जुड़े कार्यों के लिए 245 करोड़ रुपये तथा गांधीनगर मनपा सीमा के विस्तार से नए समाविष्ट हुए ग्रामीण (गामतळ) एवं नए नगर नियोजन (टीपी) क्षेत्रों में इसी प्रकार के कार्यों के लिए 361.34 करोड़ रुपये का उपयोग किया जाएगा। गांधीनगर में सेक्टर 1 से 30 तथा बोरीज, पालज, बासण, धोळाकुवा, इंद्रोडा, आदिवाडा एवं गोकुळपुरा गाँवों के 60 एमएलडी ड्रैनेज वॉटर को सरगासण पंपिंग स्टेशन में संग्रहित कर जासपुर स्थित 76 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में मुख्य लाइन के माध्यम से उचित ट्रीटमेंट किया जाता है।

गांधीनगर महानगर पालिका का क्षेत्र बढ़ने और जनसंख्या घनत्व एवं जल उपभोग बढ़ने के फलस्वरूप अतिरिक्त 22 एमएलडी पानी भी सरगासण से जासपुर जाने वाली इस ड्रैनेज लाइन में भेजा जाता है।

इसके अलावा; गांधीनगर महानगर पालिका के कुछ टीपी क्षेत्रों, खोरज गाँव तथा गांधीनगर नगरीय विकास प्राधिकरण (गुडा) क्षेत्र के अतिरिक्त 27 एमएलडी ड्रैनेज वॉटर को अडालज पंपिंग स्टेशन से पंपिंग द्वारा जासपुर एसटीपी जाने वाली लाइन में पंप किया जाता है। इस प्रकार, जासपुर एसटीपी में उसकी 76 एमएलडी ड्रैनेज वॉटर ट्रीटमेंट क्षमता की अपेक्षा 109 एमएलडी ड्रैनेज वॉटर एकत्र होता है। यह अतिरिक्त जल इकट्ठा होने के परिणामस्वरूप जासपुर एसटीपी, अदाणी कैम्पस, खोरज गांव तथा अडालज त्रिमंदिर क्लोवर लीफ में इनलेट एवं आउलेट की मेन लाइन ओवरफ्लो होने से इन क्षेत्रों में दूषित ड्रैनेज वॉटर ग्रामीण क्षेत्रों तथा सड़क मार्गों पर जमा हो जाता या बहने लगता है।

इतना ही नहीं, ऐसे दूषित जल से आसपास के क्षेत्रों में महामारी फैलने की आशंकाएं भी उत्पन्न होती हैं। यह पूरा विषय ध्यान में आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राजधानी गांधीनगर के बढ़ते विकास दायरे के साथ लोगों की स्वास्थ्य सुख-सुविधा बनाए रखने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय किया है। पटेल द्वारा दी गई इस सैद्धांतिक मंजूरी के फलस्वरूप अब सरगासण से जासपुर तक की 11 किलोमीटर तथा 20 वर्ष से अधिक पुरानी ग्रेविटी मेन लाइन भी बदलने का कार्य शुरू किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिनोद पाण्डेय