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लखनऊ, 03 अप्रैल (हि. स.)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट के वाराणसी और आगरा दौरे का प्रबल विरोध करने का निर्णय लिया है। निजीकरण के विरोध में 09 अप्रैल को लखनऊ में विशाल रैली होगी। गुरुवार को लखनऊ सहित समस्त जनपदों में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कार्यालय पर बिजली कर्मचारियों से व्यापक संपर्क किया।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु अवैधानिक ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट मेसर्स ग्रांट थॉर्टन की टीम कल वाराणसी और आगरा का दौरा करने वाली है। संघर्ष समिति ने आज पत्र भेजकर पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन को स्पष्ट अवगत करा दिया है कि बिजली कर्मचारी निजीकरण का प्रबल विरोध कर रहे हैं। अतः निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कंसलटेंट की टीम को वाराणसी और आगरा में कोई डाटा उपलब्ध नहीं कराया जाएगा और न ही अवैध ढंग से नियुक्त टीम को कार्यालय में प्रवेश करने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से वाराणसी और आगरा में बिजली कर्मचारी लगातार घटनाक्रमों पर नजर रखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन इस प्रकार खुली धज्जियां उड़ा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श.चन्द्र