मप्र के निजी स्कूलों की मनमानी पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
भाेपाल, 03 अप्रैल (हि.स.)। मप्र कांग्रेस ने प्रदेशभर में निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने प्रदेश भर में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी और नियमों का उल्लघंन कर अत्यंत महंगी किताबों और ड्रेस की फिक्स
विवेक त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता काे संबाेधित किया


भाेपाल, 03 अप्रैल (हि.स.)। मप्र कांग्रेस ने प्रदेशभर में निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने प्रदेश भर में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी और नियमों का उल्लघंन कर अत्यंत महंगी किताबों और ड्रेस की फिक्स दुकान से बिक्री तथा फीस वृद्धि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से समस्त जिलों के कलेक्टरों को निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने हेतु तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की है।

विवेक त्रिपाठी ने गुरुवार काे पत्रकार वार्ता काे संबाेधित करते हुए कहा कि निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अनुचित शुल्क वसूली, महंगी निजी प्रकाशनों की किताबों की अनिवार्यता, तथा आरटीई नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर समस्याओं को कांग्रेस द्वारा समय समय पर उजागर किया गया। जिसकी विधिवत शिकायत हमारे द्वारा शासन एवं प्रशासन के जिम्मेदार व्यक्तियों को लगातार की जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने आराेप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी, शिक्षा माफियाओं के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं कर रहें। विवेक त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजकर सांकेतिक रूप से सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का अधिकार है, इसके व्यवसाय कारण का हम पुरजोर विरोध करेंगे और कांग्रेस हर स्तर पर छात्रों व अभिभावकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी। कांग्रेस ने अपने पत्र में पांच मांगे भी रखी है।

यह है पांच प्रमुख मांगे

1. एनसीआरटी की किताबों को पहली क्लास से ही अनिवार्य किया जाए , वहीं नर्सरी केजी-1 केजी 2 की किताबों में 5 वर्ष तक किसी भी बदलाव पर अंकुश लगे ताकि बार-बार अभिभावकों पर महंगी किताबों का आर्थिक बोझ न पड़े।

2. स्कूलों द्वारा चुनिंदा दुकानों से खरीददारी कराने पर रोक लगे और इस पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पोर्टल पर किताबों की सूची तत्काल डाली जाएं ।

3. नियम विरुद्ध मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो 10% का नियम कढ़ाई से लागू हो ।

4. कांग्रेस सरकार की योजना आरटीई(शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत गरीब बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाए और इसके पालन की निगरानी हो जिसके लिए जिला और प्रदेश स्तर पर उचित शिकायतें निवारण प्रकोष्ठ बनें ।

5. जिला कलेक्टर कार्यालय में एक विशेष दिन शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की जनसुनवाई की जाएं ।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे