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हरिद्वार, 3 अप्रैल (हि.स.)। बीएचईएल ने भादला-फतेहपुर एलसीसी एचवीडीसी टर्मिनल स्टेशन के साथ-साथ भादला और फतेहपुर में एसी ट्रांसमिशन के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। भेल ने हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड के साथ कंसोर्टियम साझेदारी में राजस्थान पार्ट 1 पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, जो अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके अंतर्गत 6,000 मेगावाट, 800 केवी, बाई-पोल और द्विदिशात्मक हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) टर्मिनल्स को डिज़ाइन और कार्यान्वित किया जाएगा। जिससे राजस्थान के भादला से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और परिवहन केंद्र फतेहपुर तक नवीकरणीय ऊर्जा का पारेषण होगा। यह एचवीडीसी लिंक परियोजना वर्ष 2029 तक पूरी हो जाएगी तथा 2030 तक अक्षय ऊर्जा से 500 गीगावाट बिजली प्राप्त करने के राष्ट्रीय मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
बीएचईएल हरिद्वार के संचार एवं जनसंपर्क प्रमुख संजय पंवार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार बीएचईएल को आवंटित चौथी अल्ट्रा हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (यूएचवीडीसी) ट्रांसमिशन परियोजना अनुबंध है। कंपनी ने पहले से ही उत्तर-पूर्व आगरा 800 केवी, 6,000 मेगावाट, मल्टी टर्मिनल एचवीडीसी लिंक और्र ं800 केवी 6,000 मेगावाट रायगढ़-पुगलूर एचवीडीसी लिंक का निष्पादन किया है और वर्तमान में हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड (पूर्व में एबीबी) के साथ संयुक्त रूप से 800 केवी, 6,000 मेगावाट खावड़ा-नागपुर एचवीडीसी लिंक का निष्पादन कर रही है।
इस परियोजना के लिए अन्य उपकरणों और प्रणालियों के अतिरिक्त बीएचईएल अपने भोपाल प्लांट से कनवर्टर ट्रांसफार्मर, शंट रिएक्टर, फिल्टर बैंक कैपेसिटर, एमवी स्विचगियर और इन्सट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर तथा अपने इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन बेंगलुरु से थाइरिस्टर वाल्व की आपूर्ति करेगा। इन वाल्वों का उपयोग भादला में एसी पावर को डीसी पावर में परिवर्तित करने के लिए किया जाएगा।इसके अतिरिक्त, कंपनी का ट्रांसमिशन बिजनेस ग्रुप फतेहपुर टर्मिनल पर विशाल आकार की 765 केवी/400 केवी बिजली निकासी प्रणाली तथा भादला और भादला एक्सटेंशन में 400 केवी एसी सब-स्टेशन का डिजाइन, आपूर्ति और स्थापना करेगा।
भारतीय ग्रिड में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी समाधानों की उत्पत्ति की शुरुआत से ही, बीएचईएल भारत में प्रमुख एचवीडीसी परियोजनाओं जैसे रिहंद-दादरी, चंद्रपुर-पड़घे, बलिया-भिवाड़ी, उत्तर पूर्व-आगरा और रायगढ़-पुगलुर एचवीडीसी लिंक के निर्माण से जुड़ा हुआ है और 800 केवी तक के एचवीडीसी उत्पादों के लिए विनिर्माण सुविधाएं स्थापित की हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला