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बोकारो, 3 अप्रैल (हि.स.)। विस्थापितों के आंदोलन पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें महुआर के 26 वर्षीय प्रेम महतो की मौत हो गई, जबकि कई महिलाएं और पुरूष घायल हैं। घटना के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। विस्थापित नियोजन की मांग को लेकर सैकड़ों लोग एडीएम बिल्डिंग के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान बीएसएल की सुरक्षा और सीआईएसएफ के जवानों ने लाठीचार्ज किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक बल प्रयोग किया गया, जिससे भगदड़ मच गई।
घटना के तुरंत बाद बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि विस्थापितों ने अपनी जमीन दी, लेकिन जब वे अपने हक की मांग कर रहे हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। सरकार को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी होगी।
वहीं विधायक श्वेता सिंह एवं मजदूर नेता संग्राम सिंह और डुमरी विधायक जयराम महतो भी विस्थापितों की लड़ाई में डटे थे।
प्रबंधन और प्रशासन के बीच लगातार वार्ता की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अगर जल्द ही हल नहीं निकला, तो वे और उग्र कदम उठाने को विवश होंगे।
वहीं मजदूर संगठन, विस्थापित संगठन और विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि किस परिस्थिति में प्रबंधन ने लाठी चार्ज करवाया इसकी जांच हो और दोषियों को दंडित किया जाए। घटना के बाद आक्रोशित विस्थापित संगठन ने बोकारो इस्पात संयंत्र के सीईजेड गेट, मेन गेट और मनसा गेट को जाम कर धरना पर बैठ गए । यूनियन नेता संग्राम सिंह ने शुक्रवार को बोकारो बंद ऐलान किया है और कहा है कि एक भी कर्मचारी को बोकारो संयंत्र के अंदर जाने नहीं दिया जाएगा। वहीं बंद को भाजपा ने भी समर्थन दिया है। मृतक के मुआवजे के तौर पर नौकरी और एक करोड़ की राशि की मांग रखी गई है।घटना के बाद से इलाके में तनाव है। बड़ी संख्या में विस्थापित एडीएम बिल्डिंग के पास जुटे हुए हैं । प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।विस्थापितों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश है और सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।
बोकारो की उपायुक्त विजय जाधव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस को बीएसएल प्रबंधन और सीआईएसएफ पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। वहीं, बीएसएल प्रबंधन के प्रवक्ता अब तक चुप्पी साधे हुए हैं और सीआईएसएफ के डीआईजी दिग्विजय सिंह फोन नहीं उठा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल कुमार