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चंडीगढ़, 2 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है, जिन्होंने फर्जी तरीके से अपने बीपीएल राशन कार्ड बनवाकर उनका लाभ लिया है। सरकार ने ऐसे ही 1609 परिवारों को बीपीएल की सूची से बाहर कर दिया है। सरकार ने फर्जीवाड़ा करके बीपीएल बने परिवारों को 20 अप्रैल तक अपना नाम कटवाने की चेतावनी दी है। ऐसे परिवारों को खुद ही बीपीएल श्रेणी छोड़ने के लिए कहा है।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अभी 51 लाख 96 हजार 380 परिवार बीपीएल श्रेणी में हैं। एक मार्च से एक अप्रैल तक के दौरान सरकार ने जिन 1609 परिवारों को बीपीएल सूची से निकाला है उनमें सबसे ज्यादा 294 परिवार सोनीपत के हैं। दूसरे नंबर पर 175 परिवार वाला कुरुक्षेत्र और तीसरे नंबर पर 145 फर्जी परिवार वाला हिसार है। पंचकूला में सबसे कम 3 परिवार बाहर किए गए हैं।
क्रिड विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीपीएल परिवार का लाभ उसी परिवार को मिलता है, जिनकी सालाना इनकम 1.80 लाख से कम हो। सरकार को शक है कि इससे ज्यादा इनकम होने के बावजूद परिवारों ने कम इनकम भरी, जिसके बाद यह कार्ड बनवा लिया। कई परिवारों की आमदनी इस स्लैब से अधिक है। इसके बावजूद उन्होंने परिवार का फर्जी बंटवारा कर लिया। कागजों में खुद को अलग-अलग दिखाकर बीपीएल परिवार वाले फायदे उठा रहे थे। ऐसे सभी लोगों के नाम काट दिए गए हैं। इस संबंध में सरकार की तरफ से बीपीएल परिवारों को मैसेज किए जा रहे हैं जिसमें उन्हें 20 अप्रैल तक का टाइम दिया गया है।
हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य कोआर्डिनेटर सतीश खोला ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर अब फैमिली आईडी में गलत जानकारी देकर बीपीएल श्रेणी में आने वालों की छंटनी की जा रही है। अगर ऐसे लोग खुद से अपनी जानकारी दुरुस्त नहीं करेंगे तो प्राधिकरण जांच करके उन्हें बाहर कर देगा। उन पर कार्रवाई भी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा