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कोलकाता, 02 अप्रैल (हि. स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सालतोड़ा में राम नवमी के अवसर पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी है। विहिप का कहना है कि जिला पुलिस ने छह अप्रैल को प्रस्तावित इस जुलूस की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति तिर्थंकर घोष की पीठ ने याचिका स्वीकार कर ली है और मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी।
विहिप के अनुसार, जिला पुलिस ने सालतोड़ा में जुलूस की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा है कि उसी दिन उसी स्थान पर अन्य जुलूस भी प्रस्तावित हैं। इस मुद्दे पर गुरुवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी, जहां राम नवमी के दो अन्य जुलूसों को लेकर पुलिस के इनकार पर भी चर्चा होगी। राज्य पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी राम नवमी जुलूस में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसी बीच, राज्य में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान मच गया है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति राम नवमी के नाम पर अशांति फैलाने की कोशिश करता है, तो वह बिना पिटे घर नहीं लौट पाएगा। उन्होंने कहा कि यदि आप इस पवित्र अवसर को बदनाम करने की कोशिश करेंगे, तो जनता आपको बिना सबक सिखाए घर नहीं जाने देगी। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपनी ताकत दिखाने के लिए राम नवमी का दिन न चुनें।
मित्रा के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि पहले तृणमूल कांग्रेस नेता को सीधा खड़ा होना सीखना चाहिए, फिर इस तरह की धमकियां देनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैं भी देखूंगा कि कौन मुझे घर में रहने के लिए मजबूर कर सकता है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि इस वर्ष राम नवमी के अवसर पर राज्य भर में कम से कम दो हजार छोटे-बड़े जुलूस निकाले जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इस साल राम नवमी के जुलूसों में भाग लेने वालों की संख्या पिछले साल की तुलना में दोगुनी होगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस साल राम नवमी बड़े पैमाने पर मनाई जाएगी। मैं खुद भी सड़कों पर मौजूद रहूंगा। पिछले साल लगभग 50 लाख हिंदू सड़कों पर उतरकर राम नवमी के जुलूस में शामिल हुए थे। पिछले साल हजार जुलूस निकाले गए थे, जबकि इस साल दो हजार जुलूस होंगे और करीब एक करोड़ हिंदू इसमें शामिल होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर