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भरतपुर, 2 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान के डीग जिले के हिंगोटा गांव में एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की जलकर मौत हो गई। ईद के मौके पर अपनी मां के साथ नाना के घर आईं दोनों बच्चियां छप्पर में लगी आग की चपेट में आ गईं।
खोह थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि अलवर जिले के मालाखेड़ा के खरेड़ा गांव की रहने वाली वामिका (4) और मुस्कान (3) अपनी मां फरमीना के साथ 31 मार्च को ईद मनाने के लिए हिंगोटा गांव आई थीं। बुधवार सुबह करीब 9 बजे फरमीना अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ खेत में गेहूं की कटाई के लिए चली गई, जबकि उसकी दोनों बेटियां छप्पर में सो रही थीं।
थाना प्रभारी के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आसपास के ग्रामीणों ने जब आग देखी तो तुरंत दीनू को सूचना दी। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की जलकर मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चियों के शवों को डीग जिला अस्पताल भिजवाया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फरमीना ने खेत जाने से पहले चूल्हे पर खाना बनाया था, लेकिन चूल्हे की आग को पूरी तरह नहीं बुझाया। इसी से निकली चिंगारी ने छप्पर में आग लगा दी।
फरमीना का पति अलवर में मजदूरी करता है। उसकी दो बेटियों के अलावा एक 2 साल का बेटा भी है, जो पिता के पास था, जबकि दोनों बेटियां मां के साथ ईद मनाने आई थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर