रायपुर कलेक्टर ने बोर खनन पर लगाया प्रतिबंध
रायपुर 2 अप्रैल (हि.स.)। गर्मी के सीजन में गिरते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नलकूप खनन पर रोक लगा दी है। अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के बोर खनन नहीं कर सकेगा। अति आवश्यक होने पर प्रशासन की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के बोर कराते पकड़ जा
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह फाइल फाेटाे


रायपुर 2 अप्रैल (हि.स.)। गर्मी के सीजन में गिरते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नलकूप खनन पर रोक लगा दी है। अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के बोर खनन नहीं कर सकेगा। अति आवश्यक होने पर प्रशासन की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के बोर कराते पकड़ जाने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इस संबंध में मंगलवार की देर शाम रायपुर कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह ने बोर खनन पर पूर्णतः रोक लगाने का आदेश जारी किया हैं। जारी आदेशानुसार 15 जुलाई 2025 तक या मानसून के आगमन तक (दोनों तिथि में से जो बाद में आए) जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।

छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के अंतर्गत रायपुर जिले में इस अवधि के दौरान समक्ष अधिकारी की पूर्वानुमति की बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिये खनन नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय भूजल बोर्ड के रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के विकासखंड (धरसींवा) भूजल के उपयोग के विषय पर क्रिटिकल जोन में आ चुका है। जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्ति किया जाता है, जिनमें एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल