कोयला मंत्रालय ने 2024-25 में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों में रिकॉर्ड उत्पादन और प्रेषण दर्ज किया
नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। कोयला मंत्रालय ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्‍त वर्ष 2024-25 में कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला उत्पादन और प्रेषण में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कैप्टिव और कमर्शियल दोनों खदानों ने इस सफलता में अप
कोयला उत्पा9दन के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। कोयला मंत्रालय ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्‍त वर्ष 2024-25 में कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला उत्पादन और प्रेषण में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कैप्टिव और कमर्शियल दोनों खदानों ने इस सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कोयला मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी बयान में बताया गया है कि 31 मार्च, 2025 तक कुल कोयला उत्पादन बढ़कर 190.95 मिलियन टन (एमटी) हो गया, जो पिछले वित्‍त वर्ष के 147.11 मिलियन टन की तुलना में 29.79 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि है। कोयला प्रेषण में भी असाधारण वृद्धि हुई है। यह 190.42 मिलियन तक पहुंच गई, जो वित्त वर्ष 2023-24 में दर्ज 142.79 मिलियन टन से 33.36 फीसदी अधिक है।

मंत्रालय के मुताबिक कैप्टिव और कमर्शियल दोनों खदानों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कैप्टिव खदानों ने पिछले वित्‍त वर्ष की तुलना में उत्पादन में 24.72 फीसदी और प्रेषण में 27.76 फीसदी की वृद्धि हासिल की। इससे मुख्य उद्योगों को निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हुई। कोयला मंत्रालय के अनुसार वाणिज्यिक खदानों ने उत्पादन में 67.32 फीसदी की अभूतपूर्व वृद्धि और पिछले वर्ष की तुलना में प्रेषण में 76.71 फीसदी की वृद्धि के साथ गति का नेतृत्व किया है, जो भारत के कोयला क्षेत्र के विस्तार और दक्षता का प्रमाण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर