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कोलकाता, 02 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के पाथरप्रतिमा में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में आठ लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कारोबारी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे ऐसी भयावह घटनाएं हो रही हैं।
लंदन यात्रा से लौटने के बाद बुधवार को नवान्न में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि विस्फोट में जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही परिवार के थे। उन्होंने कहा किबार-बार चेताने के बाद भी कारोबारी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यदि एक जगह ज्वलनशील पदार्थ रखे जाएंगे, तो कभी भी आग लग सकती है। ऐसे हादसों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, वह लाइसेंस प्राप्त थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पटाखा और रसोई गैस को एक साथ क्यों रखा गया? क्या यह उचित है? घर में गैस सिलेंडर को संभालकर रखना जरूरी होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। यही कारण है कि पूरा परिवार इस हादसे का शिकार हो गया।
ममता बनर्जी ने व्यापारियों से अपील की कि वे इस घटना से सबक लें और अधिक सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी इमारत में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपाय होने चाहिए और एक ही स्थान पर अधिक मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सतर्क रहना आवश्यक है।
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के अलावा, मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक गोदामों में लगने वाली आग की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ रखना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से आग से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर