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भोपाल, 2 अप्रैल (हि.स.)। वन विभाग की कुशल नीति, वन उत्पादों के प्रबंधन, डिजिटल प्रणाली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप राजस्व में वृद्धि हो रही है। वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1600 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह वन विभाग की अब तक की सबसे अधिक राजस्व प्राप्ति है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 200 करोड़ रुपये से अधिक है। वन विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 में 1425 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, वर्ष 2022-23 में 1400 करोड़ और वर्ष 2021-22 में 1444 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
टिम्बर से हुई सर्वाधिक आय
उन्होंने बताया कि वन विभाग को प्राप्त राजस्व में सबसे बड़ा योगदान टिम्बर की बिक्री से हुआ है। इस वर्ष विभाग द्वारा टिम्बर बिक्री से 850 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वन विभाग की नीलामी प्रक्रिया और बढ़ती मांग के कारण टिम्बर की बिक्री में वृद्धि हुई है। इसके अलावा अन्य वानिकी उत्पादों और पर्यावरण से जुड़े शुल्क से भी आय में वृद्धि हुई। वन विभाग को राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने से राजस्व में वृद्धि हुई है। ऑनलाइन चालान से विभाग को 1528 करोड़ की आय हुई, जबकि ट्रांसफर चालान से 763 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर