भारतीय नौसेना ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2500 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए
- संदिग्ध नाव को नियंत्रण में लेकर चालक दल के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की गई पश्चिमी नौसेना कमान के फ्रंटलाइन फ्रिगेट आईएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में एक संदिग्ध नाव पर 2500 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को
भारतीय नौसेना ने संदिग्ध नाव से जब्त किये 2500 किलोग्राम नशीले पदार्थ


- संदिग्ध नाव को नियंत्रण में लेकर चालक दल के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की गई

नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिमी नौसेना कमान के फ्रंटलाइन फ्रिगेट आईएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में एक संदिग्ध नाव पर 2500 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को जब्त किया है। भारतीय नौसेना ने जनवरी से समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए पश्चिमी हिंद महासागर में आईएनएस तरकश तैनात किया है, जो संयुक्त टास्क फोर्स का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहा है। बहरीन में चलाया जा रहा यह अभियान संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) का हिस्सा है।

भारतीय फ्रंटलाइन फ्रिगेट बहुराष्ट्रीय बलों के संयुक्त फोकस ऑपरेशन 'एन्ज़ैक टाइगर' में भाग ले रहा है। इसी गश्त के दौरान 31 मार्च को भारतीय नौसेना के समुद्री टोही विमान पी-8आई से क्षेत्र में संचालित संदिग्ध जहाजों के बारे में कई इनपुट मिले। ये जहाज मादक पदार्थों की तस्करी सहित अवैध गतिविधियों में शामिल थे। जवाबी कार्यवाही करने के लिए आईएनएस तरकश ने संदिग्ध जहाजों को रोकने के लिए तत्काल अपना रास्ता बदल दिया। जहाज ने आस-पास के सभी संदिग्ध जहाजों से पूछताछ करने के बाद मुंबई में समुद्री संचालन केंद्र के साथ समन्वित प्रयासों के कारण एक संदिग्ध नाव को रोका।

इसके बाद भारतीय युद्धपोत ने संदिग्ध जहाज की गतिविधियों पर नजर रखने और क्षेत्र में संचालित होने वाले अन्य जहाजों की पहचान करने के लिए अपने हेलीकॉप्टर को लॉन्च किया। मरीन कमांडो के साथ एक विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम संदिग्ध जहाज पर चढ़ी और गहन तलाशी ली। इस दौरान कई सीलबंद पैकेट मिले। आगे की तलाशी में जहाज पर अलग-अलग कार्गो होल्ड और डिब्बों में 2,500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ पाए गए, जिसमें 2386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन थी। संदिग्ध नाव को आईएनएस तरकश के नियंत्रण में लेकर चालक दल के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की गई।

नौसेना के अनुसार यह जब्ती समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अवैध गतिविधियों को रोकने और बाधित करने में भारतीय नौसेना की प्रभावशीलता और व्यावसायिकता को रेखांकित करती है। बहुराष्ट्रीय अभ्यासों में भारतीय नौसेना की भागीदारी का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना है। यह ऑपरेशन समुद्री अपराध से निपटने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम