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रायपुर, 2 अप्रैल (हि.स.)। रोजी मजदूरी से जीविकोपार्जन करने वाली सुषमा नौरंगे, अब साल के 1.8 लाख रुपये कमाने लगी है। इस बात को सुनकर आपको यह मात्र एक कहानी लगेगी लेकिन सुषमा ने ऐसा कर दिखाया है।
आरंभ विकासखंड के ग्राम पचेड़ा में रहने वाली सुषमा नौरंगे 2017 से पहले एक सामान्य सी गृहिणी थी और रोजी-मजदूरी करके घर के खर्च में अपना योगदान देती थीं। नौरंगे के जीवन में एक बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने 2017 में बिहान कार्यक्रम के अंतर्गत आराधना समूह में सदस्य के रूप में काम शुरू किया। बिहान कार्यक्रम के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्राप्त करने के क्रम में नौरंगे ने सीआईएफ राशि 1.2 लाख और 3 लाख बैंक से लोन लेकर अपनी आजीविका शुरू की।
वर्तमान में सुषमा नौरंगे सिलाई कढ़ाई, आटा चक्की एवं धान कुटाई, मशरूम खेती, मछली पालन, बाड़ी में सब्जी की खेती के साथ मुर्गीपालन का काम कर रही हैं। नौरंगे शादी के पहले बीए और शादी के बाद एम.ए. समाजशास्त्र और पीजीडीसीए की पढ़ाई कर चुकी हैं। खुद पढ़ाई करने के बाद अब अपने दोनों बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के अच्छे स्कूल में पढ़ा रही है। इतना ही नहीं उन्होंने अपने आय के पैसों से 3 बीएचके घर का निर्माण भी करवाया है और लोन का लगभग आधा से ज्यादा किस्त उन्होंने चुका दिया है। उनके पति लघु किसान है, उनके आय माध्यम से घर का खर्च चलता था लेकिन अब सुषमा अपने घर के खर्चाें में हाथ बटा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा है शासन की इस योजना से महिलाओं के जीवन बदलाव आ रहा है। महिलाएं सशक्त हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर