Enter your Email Address to subscribe to our newsletters
ताइपे, 02 अप्रैल (हि.स.)। चीन ने ताइवान के आसपास दो दिवसीय सैन्य अभ्यास किया, जिसमें उसने अपने सभी निर्धारित कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह अभ्यास मध्य और दक्षिणी ताइवान जलडमरूमध्य में 'स्ट्रेट थंडर-2025ए' नामक ऑपरेशन के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य द्वीप की नाकेबंदी को लागू करना था। चीन, ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और इस सैन्य गतिविधि को ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करने वाली गतिविधियों के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमान के प्रवक्ता शी यी के हवाले से बताया कि इस अभ्यास में सैनिकों की एकीकृत संचालन क्षमताओं का परीक्षण किया गया और सभी निर्धारित कार्यों को पूरी सफलता के साथ अंजाम दिया गया। शी ने कहा कि चीन के सैनिक हमेशा हाई अलर्ट पर रहते हैं और ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करने वाली किसी भी गतिविधि को विफल करने के लिए युद्ध की तैयारी को मजबूत कर रहे हैं।
इस सैन्य अभ्यास में पीएलए के नौसेना, वायुसेना और रॉकेट बलों ने भाग लिया। इसमें शेडोंग विमानवाहक बेड़े द्वारा नकली हमले और लंबी दूरी की गोलीबारी का अभ्यास किया गया। इसके अतिरिक्त, पीएलए ने अपने अत्याधुनिक हथियारों जैसे टाइप 054ए फ्रिगेट, डीएफ-15 बैलिस्टिक मिसाइल, वाईजे-21 हाइपरसोनिक मिसाइल, एच-6के बॉम्बर और वाई-20 परिवहन विमान का भी इस्तेमाल किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभ्यास में वाईजे-21 हाइपरसोनिक मिसाइल की तैनाती यह स्पष्ट करती है कि पीएलए का यह अभ्यास वास्तविक युद्ध की तैयारी के बेहद करीब है। सैन्य मामलों के विशेषज्ञ झांग जुनशे ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई चीन के ताइवान के प्रति कठोर रुख को दर्शाती है और यह ताइवान के आसपास की स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना सकती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय