Enter your Email Address to subscribe to our newsletters
बिहाली (असम), 1 अप्रैल (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को बिहाली में मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (एमएमयूए) का शुभारंभ किया। यह योजना राज्य की महिलाओं के व्यापक सशक्तिकरण को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। पहले चरण में स्वयं सहायता समूहों की 27,04,161 महिलाओं का चयन किया गया है। अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए, डॉ. सरमा ने 23,375 महिलाओं को सीधे 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की, जिससे ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक बदलाव की शुरुआत हुई।
असम भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मनोज बरूवा ने कहा कि यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को गरीबी और निर्भरता की बेड़ियों से मुक्त कर एक सशक्त आर्थिक भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना को पुनर्परिभाषित करने के लिए तैयार है, जिससे महिलाओं को उद्यमशीलता में भाग लेने और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर मिलेंगे।
इस योजना के तहत प्रारंभिक रूप से महिलाओं को 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने छोटे व्यवसाय शुरू या विस्तार कर सकेंगी। दूसरे चरण में, पहले चरण के फंड का सही उपयोग करने वाली महिलाओं को 12,500 रुपये की अतिरिक्त सरकारी सहायता और 12,500 रुपये का बैंक ऋण मिलेगा, जिससे कुल 25 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध होगी। आगामी वर्षों में यह राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक की जा सकती है।
बरुवा ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह महिला उद्यमियों को सूक्ष्म उद्यम, कृषि, पशुपालन, हथकरघा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अपने पैर जमाने में सहायता करेगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को असम की उत्पादन-आधारित अर्थव्यवस्था में एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।
अंत में, बरूवा ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश