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रांची, 31 मार्च (हि.स.)। महिला उद्यमिता उप समिति की बैठक सोमवार को महिला उद्यमिता उप समिति चेयरपर्सन आस्था किरण के नेतृत्व में हुई। बैठक में महिलाओं की ओर से व्यवसाय को बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर गहन चर्चा हुई। मौके पर चेंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने बैठक में महिलाओं को एमएसएमई विभाग से जुड़ने की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए एमएसएमई विभाग से जुड़ना चाहें, तो उन्हें दस्ताावेजों की प्रक्रिया में कई जटिलताओं का सामना करना पड़ेगा। विभाग को इन जटिलताओं को दूर कर इसे आसान बनाया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिला उद्यमी इस योजना का लाभ उठा सकें।
चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिले और वे अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से विकसित कर सकें, इसके लिए विभाग की ओर से हर माह कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।
व्यसवसाय को सीमित दायरे तक रख पाती हैं महिलाएं : आस्था
साथ ही, उप समिति की अध्यक्ष आस्था किरण ने सुझाव दिया कि महिलाओं के व्यवसाय से जुड़े मुद्दों पर हर महीने चर्चा और मार्गदर्शन सत्र आयोजित करना चाहिए, जिससे वे अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तारित कर सकें। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक विकास के लिए नियमित मार्गदर्शन और सुविधाओं तक पहुंच नहीं होने से कई महिलाएं अपने व्यवसाय को सीमित दायरे तक ही रख पाती हैं। यदि महिलाओं को सही दिशा में सहयोग और प्रोत्साहन मिले, तो वे न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं।
बैठक में महिलाओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार और संबंधित विभागों को महिलाओं के व्यवसायिक उत्थान के लिए अधिक सक्रियता से कार्य करना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
बैठक में चेंबर उप समिति चेयरपर्सन आस्था किरण, सदस्य पूनम आनंद, इंदु महेश्वरी, शिल्की सेठी, स्वाति सिंह, डॉ अनुरंजिता सिंह, नीतू सिंह, पिया बर्मन, वीणा श्री सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak