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—मां आदिशक्ति की आराधना से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं
वाराणसी, 24 मार्च (हि.स.)। डाफी स्थित एक वाटिका में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को देवी उपासिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने ज्ञान गंगा बहाई। साध्वी ने कथा का अमृतपान कराते हुए कहा कि धन, वैभव,ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए हमें आदि शक्ति के शरण में जाना होगा। मां आदिशक्ति ही मानव को शक्तिशाली एवं समर्थ बना सकती हैं, और यदि उनकी कृपा हो जाए तो घर में सुख और समृद्धि आने में देर नहीं लगती।
साध्वी ने कहा कि नवरात्रि के नौ दिनों तक मां आदिशक्ति का व्रत रखकर पूजा-अर्चना करने से मां सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल मानव श्रद्धा भाव से पूजा तो नहीं करता, लेकिन सुख-समृद्धि की कामना हर व्यक्ति करता है।
साध्वी ने एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा, हम एक ओर तो सभी सुखों की प्राप्ति की कामना करते हैं, लेकिन जब घर में कन्या आती है, तो हम दुखी हो जाते हैं। हम गर्भ में ही जांच करवाकर अगर कन्या होती है, तो उसे मारने में संकोच नहीं करते। दूसरी ओर, हम देवी मां से सुख-समृद्धि की कामना करने मंदिर जाते हैं। क्या बेटी की हत्या करके हमें सुख-समृद्धि मिल सकती है? मां भी उन्हीं पर प्रसन्न होती हैं जो घर में कन्या का सम्मान करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, आज जिस तरह से गर्भ में भ्रूण हत्या हो रही है, आने वाले दिनों में हमें कन्या पूजन के लिए नौ लड़कियां नहीं मिलेंगी। नवरात्रि में कन्या पूजन करने के लिए हम लालायित रहते हैं, लेकिन अपने घर में बेटी नहीं चाहते। यह दोहरा चरित्र है, और यह हमें सुखी और संपन्न नहीं बनने दे रहा है।
साध्वी ने देश में कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रोक लगाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने घरों में कन्याओं को जन्म दें और उनका सम्मान करें, तो देवी मां स्वयं प्रसन्न हो जाएंगी। कार्यक्रम के अंत में साध्वी ने आरती की और भक्तों में प्रसाद का वितरण किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी