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जेल में भी गूंजा ''या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता''

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 10 2018 2:56PM
जेल में भी गूंजा 'या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता'

सुरेन्द्र

बेगूसराय। मां भगवती दुर्गा की भक्ति कर शक्ति पाने का सबसे अनमोल दस दिवसीय पूजनोत्सव शारदीय नवरात्रा बुधवार से श्रद्धा एवं उल्लास के साथ शुरू हो गया। इस दौरान दुर्गा मंदिर से लेकर घरों तक हर ओर 'या देवी सर्वभूतेषु..' की गूंज गुंजायमान हो रही है । इस वर्ष बेगूसराय जेल में भी माता दुर्गा का जयकारा जोर-शोर से लग रहा है।

बुधवार की सुबह 48 पुरुष एवं 6 महिला बंदियों ने दुर्गा पाठ शुरू किया । जेल के अंदर पंडित लक्ष्मण झा के नेतृत्व में कलश स्थापित कर कुल 54 कैदियों द्वारा नवरात्रा का अनुष्ठान किया जा रहा है। पूजा में जेल में बंद अन्य सैकड़ों कैदियों ने भी भाग लिया। कारा अधीक्षक द्वारा कैदियों के लिए दूध एवं फल की विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं, देश के 52 शक्तिपीठों में शुमार माता जयमंगला गढ़ में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई है।

कहा जाता है कि यहां भगवती सती का वाम स्कंध यहां पर गिरा था, जिससे यह सिद्ध स्थल नवदुर्गा के नवम स्वरूप में विद्यमान हैं तथा सिद्धि कामियों को सिद्धि प्रदान करती हैं। मान्यता है कि मंगला स्वरूपा माता जयमंगला किसी के द्वारा स्थापित नहीं, अपितु दानवों के निग्रह एवं भक्तजनों के कल्याण के लिए देवी निर्जन वन में प्रकट हुई थी।

शारदीय एवं वासंतिक नवरात्र में यहां कलश स्थापना के पश्चात पंडितों के समूह द्वारा संपुट सप्तशती पाठ किया जाता है। सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां रक्त विहीन पूजा होती है। माता जयमंगला पुष्प, जल, अक्षत तथा दर्शन पूजन से ही प्रसन्न होती हैं। बलि देने की प्रथा यहां नहीं है।

सालों भर यहां सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार बैरागन का दिन होता है। जहां माता जयमंगला मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए विशेष रुप से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। दूसरी ओर बिहार, झारखंड, आसाम एवं पश्चिम बंगाल तक में प्रसिद्ध बेगूसराय जिला के बखरी के पुरानी दुर्गा स्थान एवं बहुरा मामा दुर्गा स्थान में तंत्र साधकों का जमावड़ा लग चुका है।

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