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ताजमहल के संरक्षण को लेकर केंद्र और यूपी सरकार को फटकार

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 11 2018 4:13PM
ताजमहल के संरक्षण को लेकर केंद्र और यूपी सरकार को फटकार

नई दिल्ली, 11 जुलाई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने आज ताजमहल के संरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई । कोर्ट ने कहा कि ताज महल के संरक्षण के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि ताज महल का संरक्षण करना होगा वरना हम बंद कर देंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफिल टावर को देखने लाखों लोग जाते हैं जबकि ताजमहल को देखने आने वालों की तादात कम है। सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड के चेयरमैन को तलब किया। सुप्रीम कोर्ट 31 जुलाई से इस मामले की रोजाना सुनवाई करेगा।

पिछले 9 मई को कोर्ट ने ताजमहल का रंग बदलने पर एएसआई को फटकार लगाई थी। जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि अगर एएसआई ने ठीक से काम किया होता तो ताजमहल की ये हालत नहीं होती। कोर्ट ने कहा था कि ताजमहल में कीड़े लग रहे हैं और आप कुछ नहीं कर रहे हैं। आप कीड़ों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं।

कोर्ट ने कहा था कि एएसआई समझना नहीं चाहता कि ताजमहल में समस्या है। दरअसल एएसआई ने बताया था कि ताज के बदलते रंग की वजह गंदे मोजे, कीड़े और काई हैं। तब कोर्ट ने कहा था क्या कीड़ों के पास पंख हैं जो उड़कर ताजमहल पर बैठ जाते हैं। कोर्ट ने कहा था कि 22 साल पहले 1996 में दिए हमारे आदेश पर अब तक अमल नहीं हो पाया है।

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह ताजमहल की रक्षा और संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की नियुक्ति पर विचार कर रहा है। कोर्ट ने कहा था कि एएसआई का यही स्टैंड है तो केंद्र ताजमहल के रखरखाव को दूसरा विकल्प तलाशे। पहले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया था कि वो ताजमहल को संरक्षित रखने के लिए विजन डॉक्यूमेन्ट का ड्राफ्ट दें।

कोर्ट ने कहा था कि आगरा तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने के मामले में पेड़ों की कटाई और लगाने को सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी देखेगी। 8 दिसंबर 2017 को यूपी सरकार ने ताजमहल के आस-पास पर्यावरण संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में पेड़ लगाने, इलेक्ट्रिक बस के इस्तेमाल, यमुना में रबर डैम बनाकर ताजमहल के लिए पानी का स्तर बनाए रखने जैसे कई उपाय बताए गए हैं। इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे फौरी उपाय बहुत काम के नहीं।

ताजमहल को बचाने के लिए लंबे समय की योजना बनाई जाए। ये काम सिर्फ नौकरशाह न करें। पर्यावरण, संस्कृति और इतिहास के जानकारों की भी मदद ली जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि ताजमहल के संरक्षण के लिए कम से कम 100 साल की योजना बना कर दें, जल्दबाजी में काम न करें।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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