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नमामि गंगे परियोजना के लिए अनुदान समझौते पर हस्ताक्षर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 11 2019 6:07PM
नमामि गंगे परियोजना के लिए अनुदान समझौते पर हस्ताक्षर

आशुतोष

नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। नमामि गंगे परियोजनाओं के तहत गंगा व यमुना नदी को साफ-सुधरा बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत शुक्रवार को यहां केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में प्रयागराज में नमामि गंगे परियोजनाओं के लिए अनुदान समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

इस दौरान नितिन गडकरी की उपस्थिति में समझौते पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अखिल कुमार, उत्तर प्रदेश जल निगम के अनिल कुमार श्रीवास्तव और प्रयागराज वाटर प्राइवेट लिमिटेड के दिलीप पोरमल ने हस्ताक्षर किए। इस परियोजना से गंगा व यमुना में प्रयागराज में हो रहे प्रदूषण को रोकने की योजना है। इसके तहत प्रयागराज में ऊपरी गंगा/यमुना क्षेत्र (नैनी, फाफामऊ तथा झूंसी) में सीवर शोधन संयंत्र लगाने की योजना बनाई जा रही है। यहां अभी तक कोई सीवर शोधन संयंत्र नहीं है। इस कारण गंगा और यमुना नदियां प्रदूषित होती हैं। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में व्यापक सीवर नेटवर्क और सीवर संयंत्र सुविधाएं हैं लेकिन यह सभी अलग-अलग संचालकों के पास हैं।

इसके लिए 908.16 करोड़ रुपये की लागत से सीवर प्रबंधन के लिए दो परियोजनाओं तथा वर्तमान के सीवर संयंत्रों के संचालन और रखरखाव हेतु दो परियोजनाओं की मंजूरी दी गई। इन योजनाओं के तहत तीन सीवेज शोधन संयंत्र(एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल क्षमता 72 एमएलडी(नैनी 42 एमएलडी, फाफामऊ 14 एमएलडी और झूंसी 16 एमएलडी) होगी। सीवेज संयंत्रों के संचालन और रखरखाव का कार्य 15 वर्षों के लिए दिया जाएगा। यह दोनों परियोजनाएं एक नगर, एक संचालक के तहत हाइब्रिड एनयूटि आधारित पीपीपी मोड के तहत लागू की जाएगी। इन परियोजनाओं से 72 एमएलडी की नई क्षमता वाले संयंत्रों का निर्माण होगा, 80 एमएलडी का पुननिर्माण किया जाएगा तथा 254 एमएलडी के वर्तमान संयंत्रों व 10 सीवर पंपिंग स्टेशनों का संचालन और रखरखाव किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार

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