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राज्यसभा में नहीं पेश हो सका तीन तलाक विधेयक, सरकार ले सकती है अध्यादेश का सहारा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Aug 10 2018 4:49PM
राज्यसभा में नहीं पेश हो सका तीन तलाक विधेयक, सरकार ले सकती है अध्यादेश का सहारा

नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। राज्यसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सहमति न बन पाने के कारण तीन तलाक संबंधी विधेयक शुक्रवार को पेश नहीं हो सका। राज्यसभा सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को आज सदन में नहीं पेश किया जा रहा। इसके साथ ही यह विधेयक अब अगले सत्र तक के लिए टाल दिया गया।

राज्यसभा में भोजनावकाश की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सदस्यों को सूचित किया कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को आज सदन में पेश नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदन में इस विधेयक को लेकर आम सहमति नही है इसलिए सरकार इस विधेयक को पेश नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि कार्यसूची में दर्ज शेष दो विधेयक सदन में चर्चा के लिए पेश किए जाएंगे। आज मानसून सत्र का आखिरी दिन था किंतु मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों को संरक्षण देने वाला यह विधेयक शुक्रवार को पेश न हो सका। ऐसे में अब यह विधेयक आगामी शीतकालीन सत्र तक के लिए टल गया। हालांकि सरकार के पास इस विधेयक को लेकर अध्यादेश लाने का विकल्प खुला है। उल्लेखनीय है कि गत गुरुवार को सरकार ने इस विधेयक के कुछ प्रावधानों में बदलाव कर नरमी लाने की कोशिश की थी। हालांकि इस संशोधन के तहत तीन तलाक अब भी गैर जमानती ही रहेगा। इस विधेयक में तीन प्रमुख बदलाव किए हैं, जिसमें मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी पति को जमानत दिए जाने और दोनों पक्षों (पति-पत्नी) के राजी होने पर समझौते का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पहले पीड़ित की ओर से पड़ोसी भी मामला दर्ज करा सकता था किंतु अब पीड़ित महिला, खून का रिश्तेदार या विवाह के बाद बने रिश्तेदार ही प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत

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