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मून जे-इन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, मोदी-मून के बीच ऐतिहासिक वार्ता

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 10 2018 3:26PM
मून जे-इन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, मोदी-मून के बीच ऐतिहासिक वार्ता

नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मून जे-इन की अगवानी की। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का मंत्रिमंडल भी वहां मौजूद था।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन 8 जुलाई को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। जहां विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने उनकी आगवानी की। उसके बाद मेहमान राष्ट्रपति अक्षरधाम मंदिर पहुंचे और वहां कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात के अलावा मेहमान राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की और दोनों नेता दिल्ली से सटे नोएडा में प्रधानमंत्री मोदी के साथ सैमसंग के नए मोबाइल प्लांट का उद्घाटन किया था।

मोदी-मून के बीच ऐतिहासिक वार्ता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच मंगलवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऐतिहासिक वार्ता संपन्न हुई। दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की इस बैठक के बाद 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने भारत-दक्षिण कोरिया के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के अपने लक्ष्य को दोहराया।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कोरिया गणराज्य की प्रगति विश्व में अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है। कोरिया के जनमानस ने दिखाया है कि यदि कोई देश एक समान विचार और उद्देश्य के प्रति वचनबद्ध हो जाता है तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। कोरिया की यह प्रगति भारत के लिए भी प्रेरणादायक है। यह बहुत प्रसन्नता का विषय है कि कोरिया की कंपनियों ने भारत में न सिर्फ़ बड़े स्तर पर निवेश किया है, बल्कि हमारे 'मेक इन इंडिया' मिशन से जुड़ कर भारत में रोजगार के अवसर भी पैदा किया है। भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और कोरिया गणराज्य की 'न्यू सदर्न स्ट्रेटेजी' में स्वाभाविक एकरसता है। मैं राष्ट्रपति मून के इस विचार का हार्दिक स्वागत करता हूँ कि भारत और कोरिया गणराज्य के संबंध उनकी 'न्यू सदर्न स्ट्रेटेजी' एक आधार स्तम्भ हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी बातचीत के परिणामस्वरूप एक विजन स्टेटमेंट जारी किया जा रहा है। हमारा पूरा ध्यान अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर है। इस संबंध का एक स्तम्भ हमारे आर्थिक और व्यापारिक संबंध हैं।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन 8 जुलाई को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। जहां विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने उनकी आगवानी की। मेहमान राष्ट्रपति अक्षरधाम मंदिर पहुंचे और वहां कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात के अलावा मेहमान राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की। फिर दोनों नेताओं ने दिल्ली से सटे नोएडा में सैमसंग की नई मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया। बुधवार को राष्ट्रपति मून वापस दक्षिण कोरिया लौट जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार

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