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लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

By HindusthanSamachar | Publish Date: Aug 10 2018 5:27PM
लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। संसद के मानसून सत्र की समाप्ति के साथ ही शुक्रवार को लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस सत्र के दौरान 17 बैठकें हुई और सदन की कार्यवाही कुल 112 घंटे चलीं।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने की घोषणा करते हुए कहा कि इस सत्र में कुल 22 विधेयक पेश हुए और 21 विधेयकों को पारित किया गया। उन्होंने इस सत्र के कामकाज पर संतोष जताते हुए कहा कि पूर्व के दो सत्रों की तुलना में यह सत्र फलदायी रहा।

मानसून सत्र के समापन पर सदन में हुए कार्यों की जानकारी देते हए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र के दौरान 22 सरकारी विधेयक पेश किए गए और कुल मिलाकर 21 विधेयक पारित किए गए।

पारित किए गए महत्वपूर्ण विधेयकों में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2017, भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018, भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018, व्यक्तियों का दुर्व्यापार (निवारण, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक, 2018, दांडिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2018, संविधान (एक सौ तेइसवां संशोधन) विधेयक, 2017, राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 और अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 शामिल है।

उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में सदस्य श्रीनिवास केसिनेनी द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस प्रस्ताव पर 20 जुलाई, 2018 को 11 घंटे 46 मिनट चर्चा हुई। इस चर्चा में 51 सदस्यों ने भाग लिया। यह प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ।

सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस सत्र में लोक सभा ने समाज कल्याण से जुड़े ऐसे विधेयक पारित किए हैं, जिसका व्यापक प्रभाव समाज के वंचित वर्गों के हितों पर पड़ेगा जैसे संविधान (123वां) संशोधन विधेयक, जिसके पारित होने से राष्ट्र पिछड़ा वर्ग आयोग के संवैधानिक रूप से गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उसी प्रकार अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक भी पारित किया गया है।

सत्र के दौरान 75 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए और शेष 285 तारांकित प्रश्नों के लिखित उत्तर 4140 अतारांकित प्रश्नों के उत्तरों के साथ सभा पटल पर रखे गए। सदस्यों ने प्रश्न काल के पश्चात और शाम को देर तक बैठकर लगभग 534 अविलंबनीय लोक महत्व के मामले उठाए। सदस्यों ने नियम 377 के अधीन 326 मामले भी उठाए।

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत

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