Hindusthan Samachar
Banner 2 गुरुवार, सितम्बर 20, 2018 | समय 22:52 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

''हिन्दू पाकिस्तान'' से कांग्रेस ने किया किनारा तो येचुरी ने जताया अपना हक

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 12 2018 9:24PM
'हिन्दू पाकिस्तान' से कांग्रेस ने किया किनारा तो येचुरी ने जताया अपना हक

नई दिल्ली, 12 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य शशि थरूर के 'हिन्दू पाकिस्तान' वाले बयान पर विपक्ष के तीखे हमलों को देखते हुए पार्टी ने भले ही उनके बयान से किनारा कर लिया है लेकिन पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने थरूर का समर्थन किया है। इस बीच जहां थरूर ने एक बार फिर अपने बयान को स्पष्ट किया है।

वहीं सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी ने दावा किया है कि ‘हिंदू पाकिस्तान’ वह 2017 में कह चुके हैं। सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि हिंदू पाकिस्तान शब्द पर आज जो राजनीतिक बहस हो रही है, सबसे पहले हिंदू पाकिस्तान शब्द का इस्तेमाल उन्होंने किया। उन्होंने 2017 में इस शब्द का इस्तेमाल किया था।

येचुरी ने कहा यह शब्द शशि थरूर ने पहली बार इस्तेमाल नहीं किया बल्कि पहली बार उन्होंने इस्तेमाल किया था।

उल्लेखनीय है कि भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर पिछले साल येचुरी ने 'भारत में हिन्दू पाकिस्तान' बनने देने के प्रति आगाह करते हुए कहा था, ‘हमें ये याद रखना चाहिए कि भारत छोड़ो आंदोलन में हिन्दू, मुस्लिम, दलित, ब्राह्मण और राजपूत इत्यादि ने मिलकर भाग लिया था। हमें इसी एकता की वजह से आजादी मिली।'

इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने गुरुवार को एक बार फिर अपने पिछले बयान को स्पष्ट करते हुए फेसबुक पर लिखा, 'मैंने यह पहले भी कहा है और फिर से कहूंगा। पाकिस्तान का निर्माण बहुसंख्यकों के धर्म के आधार पर हुआ था। इससे धार्मिक अल्पसंख्यकों से भेदभाव होता है और उन्हें समान अधिकार नहीं मिलते। भारत ने यह तर्क कभी स्वीकार नहीं किया, जिससे देश का विभाजन भी हुआ। लेकिन भाजपा और आरएसएस के हिंदू राष्ट्र का विचार देश को पाकिस्तान जैसा बनाने का है। ऐसा देश जहां अल्पसंख्यकों के धर्म को बहुसंख्यकों के धर्म के अधीन समझा जाता है। ऐसा करने से देश 'हिंदू पाकिस्तान' बन जाएगा और हमारा स्वाधीनता संग्राम इसलिए नहीं लड़ा गया था। न ही ऐसे देश का विचार हमारे संविधान में संकलित है।'

उधर, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने शशि थरूर के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हालांकि अभी तक थरूर का बयान तो नहीं पढ़ा लेकिन उन्होंने जो कहा है, वह ठीक ही है। हामिद अंसारी ने कहा, ‘इस प्रकार का व्यापक माहौल क्यों बनाया जा रहा है| ये पिछले कुछ समय से ही होना शुरू हुआ है। पिछले आम चुनाव के बाद से कुछ ज्यादा होने लगा है, जो अब साफ दिख रहा है।’

हालांकि थरूर के बयान पर कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ गई है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर आरोप लगाया, 'मोदी सरकार ने पिछले चार वर्षों में विभाजन, कट्टरता, घृणा, असहिष्णुता और ध्रुवीकरण का माहौल पैदा किया है।' सुरजेवाला ने कहा, 'दूसरी तरफ, कांग्रेस बहुलवाद, विविधता, विभिन्न धर्मो एवं समुदायों के बीच भाईचारा और सद्भाव के सभ्यतागत मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है।'

सुरजेवाला ने कहा, 'भारत के मूल्य और मूल सिद्धांत हमारी सभ्यतागत भूमिका की स्पष्ट गारंटी देते हैं। कांग्रेस के सभी नेताओं को भाजपा की घृणा को खरिज करने के लिए शब्द एवं वाक्य बोलते समय इस बात का अहसास होना चाहिए कि यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी (मूल्यों की रक्षा करने की) हमारे कंधों पर है।'

थरूर के बयान पर कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने कहा, 'उन्होंने क्या कहा और उनकी मंशा क्या थी, वही बताएंगे। मेरा मानना है कि आप अगर सरकार की आलोचना कर दो तो आप राष्ट्रद्रोही हो। अघोषित इमरजेंसी जैसा माहौल बन गया है।'

गौरतलब है कि कांग्रेस में ये परंपरा रही है कि जिस बयान पर विवाद होने की संभावना हो पार्टी बयान से पल्ला झाड़ लेती है। इससे पहले भी कांग्रेस ने ठीक इसी तरह पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर के विवादास्पद बयानों से पल्ला झाड़ लिया था। खास बात ये है कि थरूर ने ये बयान ठीक उसी दिन दिए जिस दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अल्पसंख्यकों को साधने के लिए मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात की और बुद्धिजीवी मुसलमानों ने राहुल को सलाह दी कि वो मुसलमानों की बात न कर समुदाय की गरीबी और शिक्षा पर जोर दें।

हिन्दुस्थान समाचार/प्रीतकिरन

image