Hindusthan Samachar
Banner 2 सोमवार, मार्च 25, 2019 | समय 05:16 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

छत्रपति हत्याकांड : डेरा प्रमुख गुरमीत सहित चारों आरोपित दोषी करार, 17 को सुनाई जाएगी सजा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 11 2019 6:41PM
छत्रपति हत्याकांड : डेरा प्रमुख गुरमीत सहित चारों आरोपित दोषी करार, 17 को सुनाई जाएगी सजा

रमेश

पंचकूला, 11 जनवरी (हि. स.)। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और उसके तीन साथियों को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में दोषी करार दे दिया है। चारों आरोपितों को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का दोषी पाया गया है। गुरमीत राम रहीम, किशन लाल, कुलदीप और निर्मल को 302 और 120बी आईपीसी के तहत दोषी करार दिया है। इसके साथ ही निर्मल को 25 आर्म्स एक्ट और कृष्ण लाल को सेक्शन 29 आफ आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी करार दिया गया है। अब 17 जनवरी को सीबीआई अदालत चारों दोषियों को सजा सुनाएगी। जज जगदीप सिंह ने करीब तीन बजे अपना फैसला सुनाया।

सीबीआइ के वकील एचपीएस वर्मा के अनुसार इस मामले में कम से कम उम्रकैद व अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकती है। 16 साल बाद इस मुकदमे में आरोपितों को दोषी करार दिए जाने पर रामचंद्र छत्रपति के परिजनों और इस केस के गवाहों ने संतोष व्यक्त किया है। रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा भुगत रहे गुरमीत राम रहीम को अब 17 जनवरी को एक नई सजा सुनने के लिए तैयार रहना होगा। अदालत का फैसला आते साथी पुलिस ने कुलदीप, किशन लाल और निर्मल को हिरासत में लेते हुए अंबाला जेल भेज दिया है। हालांकि राम रहीम को अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये पेश किया गया। मामले में फैसला सुनाए जाने से पहले किशन लाल, कुलदीप और निर्मल सिंह को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुर गुरमीत राम रहीम ने जज का फैसला सुना तो उसके चेहरे पर मायूसी छा गई। अदालत परिसर से लेकर पुरे शहर में हजारो पुलिस कर्मियों के अलावा पुलिस की चार कंपनियां तैनात की गई थी। शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। 16 साल बाद इस मुकदमे में आरोपितों को दोषी करार दिए जाने पर रामचंद्र छत्रपति के परिजनों और इस केस के गवाहों ने संतोष व्यक्त किया है।

पंचकूला को किया गया छावनी में तब्दील

पंचकूला में 17 जगह नाके लगाए गए हैं और करीब एक हजार पुलिस कर्मी शहर भर में तैनात किये गए हैं। पुलिस की चार कंपनिया बाहरी जिलों से मंगवाई गई हैं। पल-पल के हालातों पर सरकार भी अपनी नजर बनाए हुए है। पंचकूला के पूरे अदालत परिसर की पुलिस ने एक तरह से किलबंदी कर दी गई थी। कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। 16 साल पहले सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में शुक्रवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह उसके साथी किशन लाल, कुलदीप सिंह और निर्मल सिंह को दोषी करार दे दिया। रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में सीबीआई ने कुल 46 गवाह कोर्ट में पेश किए जबकि गुरमीत राम रहीम की तरफ से भी 21 गवाहों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवाए थे।

यह है मामला

24 अक्टूबर 2002 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। छत्रपति को घर के बाहर दो शूटर्स ने 5 गोलियां मारी थी। 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को गोलियों से छलनी कर दिया गया था और 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रामचंद्र छत्रपति की मौत हो गई थी। पुलिस ने जांच में छत्रपति को गोली मारने वाले आरोपित को पकड़ा लिया गया था, जिसने पूछताछ में बताया कि वो डेरे में एक साधू है। जिस रिवॉल्वर से गोली मारी गई वो डेरे के एक मैनेजर की लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। पुलिस ने आरोपितों के पास से एक वॉकी टॉकी भी बरामद किया था जो डेरे के नाम से रजिस्टर्ड था। गिरफ्तारी आरोपित की निशानदेही पर डेरे से जुड़ा दूसरा आरोपित भी गिरफ्तार हुआ। परिजनों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को चिट्ठी लिखकर जांच पर सवाल उठाए। लेकिन सरकार का जवाब ना मिलने पर परिवार ने जनवरी, 2003 में हाईकोर्ट का रुख किया था। परिजनों ने हाईकोर्ट में किसी जिम्मेदार एजेंसी से जांच करवाने की मांग की थी। नवंबर 2003 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रंजीत मर्डर केस और छत्रपति मर्डर केस में सीबीआई को जांच सौंप दी थी। जांच में सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दोनों हत्याओं का मुख्य आरोपित माना और 31 जुलाई 2007 को सीबीआई ने साध्वी यौन शोषण, रंजीत मर्डर केस, छत्रपति मर्डर केस में चालान दाखिल किया। 25 अगस्त 2017 को सीबीआई कोर्ट ने साध्वी यौन शोषण केस में राम रहीम को दोषी करार दिया गया। 28 अगस्त 2017 को सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी। फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में राम रहीम बंद है। इस दौरान राम रहीम पर साधुओं को नपुंसक बनाने का भी आरोप लगा हुआ है, जिसपर सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

सभी चारों आरोपित दोषी करार

सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि कोर्ट ने राम रहीम समेत सभी चारों आरोपितों को दोषी करार दिया है। गुरमीत राम रहीम, किशन लाल, कुलदीप और निर्मल को 302 और 120 बी आईपीसी के तहत दोषी करार दिया है। इसके साथ ही निर्मल को 25 आर्म्स एक्ट और कृष्ण लाल को सेक्शन 29 आफ आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी करार दिया गया है। 17 जनवरी को विशेष सीबीआई अदालत इस मामले में सजा का ऐलान करेगी। दोषी करार दिए जाने के बाद अब दोनों पक्षों के वकील सजा की मात्रा पर जिरह करेंगे और उसके बाद अदालत सजा सुनाएगी।

एक बार गवाही देने के बाद मुकर गया था खट्टा सिंह

वैसे बाद में खट्टा सिंह एक बार में मामले में अपने बयान से मुकर गया था। राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा होने के बाद एक बार फिर खट्टा सिंह सामने आया और उसने सीबीआई कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवाए और अपना पुराना बयान दोहराया। खट्टा सिंह ने कहा था कि वर्ष 2012 से 2018 तक वह डेरा प्रमुख के खिलाफ इसलिए सामने नहीं आया था, क्योंकि डेरा प्रमुख खुलेआम घूम रहा था। उसके परिवार को जान का खतरा बना हुआ था। खट्टा सिंह ने सीबीआई अदालत में बताया था कि यदि वह डेरा प्रमुख के खिलाफ पहले बयान दे देता, तो उसे और उसके बेटे को डेरा प्रमुख जान से मरवा सकता था। इसकी मुझे धमकियां मिली थीं। रामचंद्र छत्रपति ने न्याय के लिए लड़ी लंबी लड़ाई इसके बाद उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पिता की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। जनवरी 2003 में अंशुल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सीबीआई जांच करवाने के लिए याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट ने नवंबर 2003 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। अपने पैतृक गांव दडबी में खेती किसानी करने वाला अंशुल अपनी मां कुलवंत कौर, छोटे भाई अरिदमन और बहन क्रांति और श्रेयसी के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ते रहे। अंशुल ने बताया कि हमने एक ताकतवर दुश्मन के साथ इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी है और उम्मीद है कि 16 साल बाद अब हमें इंसाफ मिल जाएगा।

रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में अब तक का घटनाक्रम

-पत्रकार रामचंद्र छत्रपति द्वारा ‘पूरा सच’ में 30 मई 2002 को धर्म के नाम पर किया जा रहा है साध्वियों का जीवन बर्बाद समाचार प्रकाशित किया गया।

- 4, 7 और 27 जून 2002 को डेरा सच्चा सौदा से जुड़े बड़े समाचार अख़बारों ने प्रकाशित किए।

- डेरा अनुयायियों ने पूरा सच के खिलाफ कार्रवाई करने व प्रतिबंध की रखी मांग।

- 2 जुलाई 2002 को एसपी सिरसा को डेरे की धमकियों से अवगत करवाया और सुरक्षा की मांग रखी।

- अक्टूबर 2002 में डेरा के प्रबंधक कृष्ण लाल पूरा सच कार्यालय पहुंचे और यहां उन्होंने डेरे के विरुद्ध खबर लिखने के मामले को बंद करने को कहा।

- 24 अक्टूबर 2002 को डेरा में कारपेंटर का काम करने वाले दो युवकों ने रामचंद्र छत्रपति को उनके घर के बाहर गोली मारी। एक पकड़ लिया गया। शहर थाना में केस दर्ज।

- 24 अक्टूबर 2002 को एसआई ने बयान दर्ज किए, लेकिन डेरा प्रमुख का नाम नहीं लिखा। - 29 अक्टूबर 2002 को कृष्ण लाल ने सीजेएम फिरोजपुर की कोर्ट में सरेंडर किया।

- छत्रपति का 8 नवंबर 2002 तक पीजीआई अस्पताल में चला इलाज। इसके बाद अपोलो भेज दिया गया।

- 8 नवंबर 2002 को ही छत्रपति के पिता सोहन राम ने मेजिस्ट्रेट से बयान करवाए जाने की दरखास्त दी। \

- 21 नवंबर को रामचंद्र छत्रपति का देहांत हो गया। - 5 दिसंबर 2002 को सिरसा पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में दायर की चार्जशीट, डेरा प्रमुख का नाम नहीं था।

- 2003 : अंशुल छत्रपति ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की। - 10 नवंबर 2003 सीबीआई को ट्रांसफर हुआ केस। - 9 दिसंबर 2003 को सीबीआई ने शुरू की जांच, सीबीआई ने शहर थाना में एक केस और दर्ज किया, जिसमें डेरा प्रमुख का नाम भी शामिल किया। - 30 जुलाई 2007 को सीबीआई ने पेश किया चालान। हिन्दुस्थान समाचार

लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image