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रमजान में सेना नहीं करेगी कश्मीर में आतंक निरोधक ऑपरेशन

By HindusthanSamachar | Publish Date: May 16 2018 5:50PM
रमजान में सेना नहीं करेगी कश्मीर में आतंक निरोधक ऑपरेशन
नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि रमजान के महीने को देखते हुए सुरक्षा बल कश्मीर घाटी में आतंक निरोधक आपरेशन को विराम देंगे। इस आशय की अपील जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने की थी। गृह मंत्रालय ने अपने संदेश में अपेक्षा की है कि उसके इस कदम से शांतिप्रिय मुसलमान अपना पर्व बिना किसी कठिनाई के मना सकेंगे। इसके साथ ही इस्लाम को बदनाम करने वाली प्रवृत्तियों और भटके हुए नौजवानों को इस्लाम का सच्चा अर्थ बताकर सही रास्ते पर लाने का प्रयास करेंगे। गृह मंत्रालय ने इस आशय की विज्ञप्ति जारी करते हुए बहुत स्पष्ट कहा है, ‘हम अपने सुरक्षा बलों और सेना को रमजान माह में आक्रामक कार्रवाई न करने का आदेश दे रहे हैं। साथ ही यह स्पष्ट करना भी आवश्यक है कि अवाम की शांति और सुरक्षा के लिए यदि आतंक के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई की आवश्यकता हुई तो सुरक्षा बल उचित कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।’ गृह मंत्रालय ने कहा कि कल (17 मई) से रमजान का पवित्र महीना आरंभ हो रहा है, जिसे भारत और विश्व के सभी मुसलमान श्रद्धापूर्वक मनाते हैं। यह दुख का विषय है कि पिछले कुछ सालों से रमजान के इस पवित्र माह में भी आतंकवादियों ने भारत में ही नहीं विश्व के अन्य भागों में भी भारी रक्तपात किया है। इससे सच्चे इस्लाम के मार्ग पर चलने वाले शांतिप्रिय मुसलमान और अन्य समाजों को भारी यातनाएं सहनी पड़ी है। रमजान सच्चे अर्थों में इबादत, पवित्रता और अमन का महीना है। इस्लाम को बदनाम करने वाली प्रवृत्तियों को अलग-थलग करना हम सबका संयुक्त प्रयास होना चाहिए। भारत सरकार चाहती है कि आगामी रमजान माह के दौरान समाज के सभी वर्गों, विशेषत: शान्तिप्रिय मुस्लिम समाज, को किसी संकट और कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके लिए यह आवश्यक है कि सभी शांतिप्रिय लोग मिलकर आतंकवादियों को अलग-थलग करें और हिंसा की राह पर गुमराह लोगों को शांति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें। गृह मंत्रालय का कहना है कि मुस्लिम भाइयों को शांतिप्रिय रूप से रमजान मनाने का समुचित वातावरण बने और आतंकवादी उनकी धार्मिक भावनाओं का शोषण न कर सकें, इसको ध्यान में रखते हुए सरकार एक आतंक और हिंसाविहीन वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है। हमें आशा है कि इस्लाम की सच्ची राह पर चलने वाले सभी मुस्लिम भाई-बहन शांति की इस प्रक्रिया में सहयोग देंगे। हिन्दुस्थान समाचार/जितेन्द्र तिवारी/राधा रमण
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