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निपाह वायरस से उपजी स्थिति नियंत्रण में, अफवाहों पर ध्यान न दें : स्वास्थ्य मंत्री

By HindusthanSamachar | Publish Date: May 22 2018 8:02PM
निपाह वायरस से उपजी स्थिति नियंत्रण में, अफवाहों पर ध्यान न दें : स्वास्थ्य मंत्री
नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केरल के निपा वायरस के कारण रिपोर्ट किए गए मामलों और मौतों से उत्पन्न स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोग सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास न करें। श्री नड्डा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एचएफडब्लू) की सचिव प्रीती सुदान और इंडियन काउंसिल फार मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव के साथ मंगलवार को केरल की स्थिति की समीक्षा की और इससे निपटने के लिए केरल सरकार को हर तरह की सहायता देने के निर्देश दिए। श्री नड्डा के निर्देश पर नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की केंद्रीय टीम भी केरल में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल कुल नौ व्यक्ति इस संक्रमण से प्रभावित हैं, जिनका उपचार हो रहा है। एहतिहात के तौर पर कोझिकोड के कई अस्पतालों में अलग से वार्ड खोले गए हैं। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अस्पतालों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदान किए गए हैं। वायरस को एक दायरे में सीमित रखने के लिए उचित कदम उठाए गए हैं, जिसमें घरेलू जानवरों जैसे सूअरों भी शामिल है। सभी बीमार व्यक्तियों के संपर्क में रहने वालों पर नजर रखी जा रही है और जानवरों के माध्यम से संपर्क रोकने के कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और केरल सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किए गए प्रारंभिक और कुशल रोकथाम उपायों के साथ, प्रकोप फैलाने की संभावना नहीं है। इसी बीच एनसीडीसी टीम ने पेरामंबरा में उस घर का दौरा किया जहां से प्रारंभिक मौत की सूचना मिली थी। टीम ने परिवार द्वारा उपयोग में लाए जा रहे कुएं में कई चमगादड़ पाए। कुछ चमगादड़ों को पकड़ कर प्रयोगशाला में भेजा गया है ताकि इसकी पुष्टि हो कि वे बीमारी का कारण हैं या नहीं। इसके अलावा वहां से 60 विभिन्न नमूने भी एकत्र किए गए हैं और परीक्षण के लिए भेजे गये हैं। मंत्रालय ने जोखिम मूल्यांकन व प्रबंधन और स्थिति का आंकलन करने के लिए एनसीडीसी की कोझिकोड शाखा से सार्वजनिक स्वास्थ्य टीम को तैनात किया है। वे पहले से ही तैनात राज्य स्तरीय टीम की सहायता कर रही है। अब तक बेबी मेमोरियल अस्पताल, कोझिकोड में गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज और अमृता मेडिकल कॉलेज, एर्नाकुलम में सात मरीजों को भर्ती कराया गया है। मौके पर तैनात टीम ने अस्पतालों को इंट्राक्रैनियल दबाव (आईसीपी) संबंधी दिशानिर्देशों का ने की सलाह दी है, स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों और नमूना लेने वालों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपयोग करने की सलाह दी है; तेज बुखार पर निगरानी बढ़ाने में सहायता। मामलों में व्यक्तियों के रिश्तेदारों, स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के करीबी संपर्कों में कारकों की पहचान करना। अलग सुविधाओं, वेंटिलेटर समर्थन और अस्पताल संक्रमण नियंत्रण सुविधाओं को सुनिश्चित करें। समन्वय के तौर पर जानवरों में असामान्य बीमारी और मौतों पर निगरानी बढ़ाई जाए। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप/जितेन्द्र तिवारी
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