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गिर अभ्यारण्य में 11 दिन के भीतर 11 शेरों की मौत के बाद जागी सरकार

By HindusthanSamachar | Publish Date: Sep 21 2018 3:45PM
गिर अभ्यारण्य में 11 दिन के भीतर 11 शेरों की मौत के बाद जागी सरकार

पारस

अहमदाबाद। गुजरात की शान माने जाने वाले गिर पंथक अभ्यारण्य में पिछले 11 दिनों के भीतर 6 शेर के बच्चों समेत कुल 12 शेरों की मौत हो चुकी है। इसके बाद आज सरकार की नींद टूटी और जांच के आदेश दिए गए हैं।

गिर पंथक अभ्यारण्य के पूर्वी मंडल मुख्यत: दालखनिया रेंज में पिछले 11 दिनों में 11 शावकों की मौत हो चुकी है। शेरों की सुरक्षा करने में नाकाम रहे वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अब तक शेरों की मृत्यु वाली बात छुपाने से और भी कई तरह की शंका पैदा हो रही है। शेरों की इस प्रजाति में किसी अनजान वायरस का फैलना भी एक तरह से चर्चा का विषय बन चुका है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक शेरनी का शव बुधवार को अमरेली जिले के राजुला के पास वन से बरामद किया गया। तीन अन्य शेर उसी दिन दालखनिया रेंज में मृत पाए गए। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सात और शेरों के शव बरामद किए गए हैं। विभाग की जांच में पता चला है कि इनकी मौत लीवर और फेफड़ों में इन्फेक्शन की वजह से हुई है।अब चिंता इस बात की है कि अगर इस दलखानिया रेंज में ऐसा ही सिलसिला चलता रहा तो यहां विशेष प्रजाति के शेरों की प्रजाति ख़त्म हो सकती है। गिर पंथक में पाए जाने वाले शेरों व शावकों की प्रजाति दुर्लभ और कीमती मानी गयी है। पूरी दुनिया में इस प्रजाति के शेर सिर्फ गुजरात के गिर अभ्यारण्य इलाके में ही पाए जाते हैं। उनकी अप्राकृतिक मौत पर गुजरात के राज्यसभा के सांसद परिमल नाथवानी ने मांग की है कि वन विभाग के अधिकारी द्वारा तात्कालिक जांच करके मजबूत कार्रवाई करनी चाहिए।

वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि दलखानिया रेंज में शेरों की मौत के मामले की जांच प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार आपस में लड़ने के कारण आठ शेरों की मौत हुई है जबकि शेष तीन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मृत्यु के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी।

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