Hindusthan Samachar
Banner 2 मंगलवार, अगस्त 21, 2018 | समय 06:22 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

भारत के सबसे पुराने रंगमंच 'कुट्टीयट्टम' से पहली बार राजधानी होगी रूबरू

By HindusthanSamachar | Publish Date: Aug 9 2018 7:05PM
भारत के सबसे पुराने रंगमंच 'कुट्टीयट्टम' से पहली बार राजधानी होगी रूबरू

नई दिल्ली, 09 अगस्त (हि.स.)। भारत के सबसे पुराने संस्कृत रंगमंच 'कुट्टीयट्टम' से राजधानी जल्द ही रूबरू होगी। साहपीडिया, सहर एवं इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से छह दिवसीय 'कुट्टीयट्टम महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 16 से 21 अगस्त तक इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पहली बार राजधानी में आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में शक्तिभद्र द्वारा लिखे 'आचार्य चूड़ामणि' के दूसरे अंश 'सूर्पनखा' की नाट्य प्रस्तुति नेपथ्य थिएटर समूह द्वारा दी जाएगी। यह थिएटर समूह 1998 से उत्कृष्ट 'कुट्टीयट्टम' की प्रस्तुति देता आ रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन यरूशलेम के हिब्रू विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन के विद्वान प्रोफेसर डेविड शुलमैन और ह्यूमन स्टडीज के प्रोफेसर रेनी लैंग करेंगे। केरल का कुट्टीयटम भारत का सबसे पुराना संस्कृत रंगमंच है, जिसमें कलाकार संस्कृत के नाटकों का अभिनय करते हैं। जटिल हाव भाव की भाषा, मंत्रोच्‍चार, चेहरे और आंखों की अतिशय अभिव्‍यक्ति विस्‍तृत मुकुट और चेहरे की सज्‍जा के साथ मिलकर कुटि्टयटम का अभिनय बनाते हैं। इसमें मिझावू ड्रमों द्वारा, छोटी घंटियों और इडक्‍का (एक सीधे गिलास के आकार का ड्रम) से तथा कुझाल (फूंक कर बजाने वाला एक वाद्य) और शंख से संगीत दिया जाता है। इस 'कुट्टीयट्टम' संस्कृत रंगमंच को यूनेस्को द्वारा ''मानवता की मौखिक और अमूर्त विरासत की उत्कृष्ट कृति' के रूप में मान्यता प्राप्त है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुभाषिनी

image