Hindusthan Samachar
Banner 2 मंगलवार, अगस्त 21, 2018 | समय 06:22 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

एचपीसीएल और बीपीसीएल ने 68447 करोड़ का एक्साइज ड्यूटी सरकारी तिजोरी में जमा किया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Aug 10 2018 12:52PM
एचपीसीएल और बीपीसीएल ने 68447 करोड़ का एक्साइज ड्यूटी सरकारी तिजोरी में जमा किया

मुंबई, 10 अगस्त (हि.स.)। देश में एक टैक्स एक राष्ट्र की नीति लागू की गई है| लेकिन जीएसटी को लागू किए जाने के दो साल बाद भी पेट्रोलियम पदार्थों को सरकार जीएसटी के अंतर्गत नहीं ला सकी है। एक्साइज ड्यूटी से सरकार को हर साल दो लाख करोड़ से ज्यादा का राजस्व तेल व गैस निर्माण कंपनियों से प्राप्त होता है। देश की सबसे बड़ी तेल व गैस निर्माण व वितरण करनेवाली दो कंपनियों ने ही केेंद्र सरकार को 68,446.51 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी का भुगतान किया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही तक बीपीसीएल ने 11823.2 करोड़ रुपये का टैक्स दिया है तो एचपीसीएल ने भी सरकारी तिजोरी में 6,470.82 करोड़ रुपये का टैक्स भर चुकी है। दोनों कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही तक सरकार के पास कुल 18,294.02 करोड़ रुपये का टैक्स जमा कराया है। तेल उत्पादन कंपनी एचपीसीएल ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 6,470.07 रुपये का टैक्स भुगतान किया है। पिछले वित्त वर्ष में एचपीसीएल की ओर से कुल 27,597.38 करोड़ रुपये का टैक्स का भुगतान किया गया था। करेंट टैक्स के रूप में तेल उत्पादक कंपनी ने सरकार को 2,844.86 करोड़ रुपये और एक्साईज ड्यूटी के रूप में 24,752.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

तेल उत्पादक कंपनी बीपीसीएल से भी सरकार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल 11,823.2 करोड़ रुपये का टैक्स दिया जा चुका है। पिछले साल बीपीसीएल ने एक्साइज ड्यूटी के रूप में सरकार को 44,127.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इस साल की पहली तिमाही के दौरान बीपीसीएल कंपनी ने सरकार को 10,734.20 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी का भुगतान किया है, जबकि 31 मार्च 2018 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 10,827.65 करोड़ रुपये का एक्साइज टैक्स सरकार को दिया है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने एक्साइज ड्यूटी के रूप से 40,849.13 करोड़ रुपये का भुगतान सरकार को किया था। पिछले साल 30 जून को कंपनी ने 9,640.57 करोड़ रुपये का एक्साइज चुकता किया था। कंपनी ने इस साल मौजूदा कर भुगतान के रूप में 662.00 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि 31 मार्च 2018 को समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी ने 622.00 करोड़ रुपये का टैक्स दिया था। पिछले वित्त वर्ष 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी ने 222 करोड़ रुपये और सालाना आधार पर 2,110.00 करोड़ रुपये का टैक्स भुगतान किया था। डिफर्ड टैक्स के रूप में कंपनी ने इस तिमाही में 427.00 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में 147 करोड़ रुपये और 31 मार्च 2018 की तिमाही तक कंपनी ने 463.66 करोड़ रुपये का डिफर्ड टैक्स चुकता कर दिया था।

पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने डिफर्ड टैक्स के रूप में कुल 1,434.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। एचपीसीएल ने भी इस तिमाही में एक्साइज ड्यूटी के रूप में 5,591.07 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 6,506.43 करोड़ रुपये का एक्साइज टैक्स चुकाया था। 31 मार्च को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 5,830.94 करोड़ रुपये का टैक्स भुगतान किया था। सालाना आधार पर कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान सरकार को कुल 24,752.52 करोड़ रुपये का एक्साइज ड्यूटी चुकता कर दी थी। इसी तरह एचपीसीएल ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल 879.75 करोड़ रुपये (758.90 करोड़ रुपये करेंट टैक्स व 120.85 करोड़ रुपये का डिफर्ड टैक्स) का भुगतान किया था, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कुल 463.55 करोड़ रुपये (335.83 करोड़ रुपये करेंट टैक्स व 127.72 करोड़ रुपये का डिफर्ड टैक्स) का भुगतान सरकार को किया था। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष में एचपीसीएल ने सरकार को कुल 2,844.86 करोड़ (2570.98 करोड़ रुपये करेंट टैक्स व 419.56 करोड़ रुपये का डिफर्ड टैक्स) रुपये का भुगतान किया था।

हिन्दुस्थान समाचार/ राधेश्याम

image