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जेपी समूह 10 मई तक 100 करोड़ रुपये और जमा करे: सुप्रीम कोर्ट

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 16 2018 2:06PM
जेपी समूह 10 मई तक 100 करोड़ रुपये और जमा करे: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (हि.स.)। जेपी ग्रुप दिवालिया प्रक्रिया के खिलाफ निवेशकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जेपी समूह को 10 मई तक 100 करोड़ रुपये और जमा करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जेपी समूह के दो निदेशकों को विदेश जाने की अनुमति दे दी है। मामले पर अगली सुनवाई 11 मई को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएल की) की तरफ से नियुक्त अधिकारी को दिवालिया प्रस्ताव को अंतिम रूप न देने का निर्देश दिया है। पिछले 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) को निर्देश दिया कि वो 10 मई तक दो किश्तों में दो सौ करोड़ रुपये जमा करें ताकि उन फ्लैट खरीददारों को लौटाया जा सके जो अपनी रकम वापस चाहते हैं। कोर्ट ने कहा कि पहली किश्त 15 अप्रैल तक और दूसरी किश्त 10 मई तक जमा करें। कोर्ट के इसी आदेश के तहत जेपी समूह ने सौ करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट में जमा कराए हैं। पिछली सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी पवन अग्रवाल ने कहा था कि इस रकम को समानुपातिक आधार पर लौटाया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि हम चाहते हैं कि फ्लैट खरीददारों का मूलधन वापस किया जाए। कोर्ट ने पैसे वापस मांगने वाले फ्लैट धारकों को जेपी समूह द्वारा कोई भी नोटिस जारी करने पर रोक लगा दी थी। यह आदेश उनके फ्लैट खरीददारों पर लागू होगा जिन्होंने रकम वापस लेने का विकल्प चुना है। पहले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जेएएल के स्वतंत्र निदेशकों को देश छोड़कर जाने से मना कर दिया था और सुनवाई की हर तिथि पर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जेएएल को निर्देश दिया कि वे अपनी संपत्तियों पर तीसरे पक्ष से कोई करार नहीं करेंगे। रिजर्व बैंक द्वारा जेएएल को दिवालिया प्रक्रिया में पक्षकार बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट बाद में विचार करेगा। पिछले 9 जनवरी को रिजर्व बैंक ने जेएएल को दिवालिया प्रक्रिया में पक्षकार बनाने की इजाजत देने की मांग की थी। फिलहाल अभी जेपीइंफ्राटेक ही दिवालिया प्रक्रिया का पक्षकार है। 15 दिसंबर 2017 को जेपी समूह ने सुप्रीम कोर्ट में 150 करोड़ रुपये जमा किया था और सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि 125 करोड़ रुपये जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया जाए। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 125 करोड़ रुपये 25 जनवरी तक जमा करने के निर्देश दिए थे। इसके पहले, सुप्रीम कोर्ट ने जेपी समूह के निदेशकों और उनके रिश्तेदारों को बिना कोर्ट की अनुमति के अपनी व्यक्तिगत संपत्ति बेचने से मना कर दिया था। जेपी समूह द्वारा दो हजार करोड़ रुपये जमा न कर पाने की स्थिति में कोर्ट ने उन्हें किश्तों में रकम जमा करने का निर्देश दिया था। 18 सितंबर 2017 को जेपी समूह के करीब चार सौ फ्लैट खरीददारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया और मांग की कि उपभोक्ता कानून के तहत उन्हें सुरक्षा प्रदान दी जाए । इन फ्लैट खरीददारों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि जेपी एसोसिएट्स की संपत्ति को जेपीइंफ्राटेक को ट्रांसफर किए जाने के मामले की जांच की जाए। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/आकाश
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