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आम्रपाली समूह बताए कि प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए पैसे कहां से लाएगा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 17 2018 4:35PM
आम्रपाली समूह बताए कि प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए पैसे कहां से लाएगा
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। आम्रपाली समूह के फ्लैट खरीददारों के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के डायरेक्टर को निर्देश दिया कि वो इस मामले में अपना बिजनेस प्लान लेकर आएं। कोर्ट ने आम्रपाली से कहा कि वो ये बताएं कि वो पैसा कहां से लायेंगे। मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी। पिछले 11 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली से पूछा था कि प्रोजेक्ट आखिर कब तक पूरे होंगे ? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह से पूछा था कि इन प्रोजेक्ट्स को तैयार करने में कितनी लागत आएगी? पिछले 27 मार्च को आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर, फ्लैट खरीददारों और नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के बीच बैठक करने का आदेश दिया था। पिछले 22 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह को एक महीने में ग्रेटर नोएडा के लेजर पार्क में अपने 19 टावरों का काम पूरा करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो आम्रपाली द्वारा किए जा रहे कामों की समीक्षा करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के तीन प्रमोटर्स को यह अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया था कि लेजर पार्क के 19 टावर को तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा । कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अंडरटेकिंग पर खरा न उतरने की सूरत में आम्रपाली समूह के प्रमोटर जेल जाने के लिए तैयार रहें। पहले की सुनवाई के दौरान कोर्ट कहा था कि हमें फ्लैट खरीददारों की चिंता है। ऐसा लगता है कि उनका पैसा कहीं और लगाया गया है। 13 अक्टूर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के प्रमोटर्स को देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी। आम्रपाली सिलिकॉन सिटी फ्लैट ओनर्स वेलफेयर सोसायटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने आम्रपाली ग्रुप के प्रमोटर्स को देश छोड़ने पर रोक लगाई थी। आम्रपाली का सिलिकॉन सिटी प्रोजेक्ट नोएडा के सेक्टर 50 में स्थित है। फ्लैट ओनर्स ने आरोप लगाया है कि आम्रपाली समूह ने उन्हें फ्लैट समय पर नहीं दिया है। पिछले 6 अक्टूबर को आम्रपाली के ग्रेटर नोएडा प्रोजेक्ट के 55 फ्लैट खरीददारों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल (एनसीएलटी ) द्वारा दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरु करने के खिलाफ दायर याचिका कर रखी है । बैंक ऑफ बड़ौदा ने आम्रपाली के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरु करने के लिए एनसीएलटी में याचिका दायर की थी। आम्रपाली ने बैंक ऑफ बड़ौदा का 97.30 करोड़ रुपये का लोन डिफाल्ट किया था। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राधा रमण
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