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मुआवजा घोटाले में सरकार शामिल, उपमुख्यमंत्री को हटाने की मांग

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 5 2018 1:52PM
मुआवजा घोटाले में सरकार शामिल, उपमुख्यमंत्री को हटाने की मांग
इटानागर, 05 जुलाई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने दावा किया कि लोवर सुवनसिरी जिला पोटीन - बोपी के ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) में हुए मुआवजा घोटाले में सरकार शामिल है। यह घोटाला राज्य के उप मुख्यमंत्री चोनामिन के निर्देश व संरक्षण में हुआ है। इसमें पूर्व लोवर सुवनसिरी के उप कमिश्नर केमो लोलेन, डीएलआरएसओ भारत लिंगू के साथ व्यवसायी लिखा माज और अन्य को करोड़ों रुपये का फायदा हुआ है। केंद्र सरकार ने लोवर सुवनसिरी जिला के पोटीन से बोपीया टीएएच सड़क के लिए 198 करोड़ रुपये मंजूर किया था। जोरम से कोलोरियांग तक सड़क निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। सड़क निर्माण परियोजन में उप कमिश्नर मिन के छत्रछाया में यह घोटाला हुआ है। आम लोगों के धन को लूटा गया है। एपीसीसी की मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष ताम्ची ताहर ने कहा कि लोलेन ने 11 जनवरी, 2017 को उपमुख्यमंत्री के साथ आयोजित एक बैठक के संबंध में 4 जनवरी, 2018 को भूमि मालिकों के लिए एक अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना के मुताबिक उपमुख्यमंत्री के निर्देश के तहत टीएएच के निर्माण के लिए लोवर सुवनसिरी जिले के शहरी क्षेत्र में कुल मिलाकर 24 मीटर से घट कर 14 मीटर तक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) को घटा दिया था। तहार ने आरोप लगाया कि पूर्व उप कमिश्नर ने उपमुख्यमंत्री के फैसले के आधार पर अधिसूचना को जारी करते हुए काम शुरू किया। यह सब काम भूमि मालिकों को डराने के लिए किया गया। ताहर ने सवालिया लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू जवाब दें कि उनके मंत्री को आरओडब्लू की लंबाई को कम करने का अधिकार कैसे मिला। साथ ही उपमुख्यमंत्री, जो पीडब्ल्यूडी विभाग के भी मंत्री हैं, को उनके से बर्खास्त करने की एपीसीसी ने मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि उप मुख्य मंत्री नियम कानून को ताक पर रखते हुए अपना नियम लागू किया। जैसे जोराम ताबिया को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार 19,93,600 रुपये मिलना है, लेकिन उन्हें केवल 7 हजार रुपये सरकार देने को तैयार थी, हालांकि क्षेत्र के विधायक लिखा साया की पत्नी लिखा आपी का डीपीआर 82,77,600 रुपये का था जिन्हें सरकार ने 83 लाख रुपये दिया| यह कैसे सब हुआ हुआ, इसको सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग भी की है। जिसमें क्षेत्र के तीन विधायक लिखा साया, तागे ताकी और तामुर मोर्ते के भी शामिल होने का अरोप लगया गया है। साथ ही इलाके के प्रभावित लोगों को डीपीआर के अनुसार रुपये देने की सरकार के अपील की है। साथ ही कांग्रेस ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ऐसा करने में नाकाम होती है तो इसको लेकर एक बड़ा आंदोलन आरंभ किया जाएगा। उधर, कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री मीन ने कहा है कि कांग्रेस के सभी आरोप निराधार थे, क्योंकि आरओडब्ल्यू को कम करने का निर्णय समिति के सदस्यों के साथ लिया गया था, जिसमें पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता, डिजाइन और योजना टीम, विभाग के सभी अधिकारी शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार /तागू / अरविंद/राधा रमण
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