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अरुणाचल को जल्द ही पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता हैः रेबिया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 8 2018 1:41PM
अरुणाचल को जल्द ही पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता हैः रेबिया

इटानगर, 08 जुलाई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के पर्यावरण और वन विभाग के मंत्री नाबाम रेबिया ने चेतावनी दी है कि अरुणाचल प्रदेश को जल्द ही पीने के पानी की कमी से जूझना पड़ सकता है। क्योंकि, राज्य की 200 से अधिक नदियां और नाले सूख गए हैं।

रेबिया ने शनिवार को वन महोत्सव के अवसर पर पापुम पारे जिले के दोइमुख सर्किल में एक सभा को संबोधित करते हुए यह आशंका व्यक्त की। उन्होंने कहा कि झुम खेती, भूस्खलन और वनों के विनाश के कारण कई नदियों का अस्तित्व खतरे में है।

उन्होंने कहा कि जंगलों के विनाश के कारण राज्य के वन क्षेत्र में 82 फीसद से घटकर 79 फीसद तक पहुंच गया है। वन क्षत्रों में गिरावट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वन्यजीवों पर भी घटते वन्य क्षेत्र का गंभीर प्रभाव पड़ेगा। यह बेहद चिंता का विषय है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों के शिकार और उनकी हत्या पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे अस्तित्व के लिए वन्यजीव और जंगलों को बचाने की तत्काल आवश्यकता है। वनों की कटाई के कारण ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों के बारे में ग्रामीणों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए रेबिया ने गांव के गांव बूढ़ा (जीबी) से अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि कोई वनों को नष्ट कर रहा है या वन्य जीवों की हत्या कर रहा है तो जीबी को तुरंत प्रशासन को सूचित करना चाहिए। प्रशासन को इस बारे में समय रहते सूचना मिले तो ऐसे तत्वों पर लगाम कसी जा सकती है। साथ ही लाइसेंसी हथियारों के लाइसेंस को भी रद्द किया जा सकता है। रेबिया ने जंगल व वन्य जीवों को बचाने के लिए गांव के बुजुर्गों, पूर्व पंचायत सदस्यों और जीबी से सभी गांवों में संरक्षण और संरक्षण के लिए 'वन रक्षक समितियां' बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, विकास के लिए पर्यावरण से छेड़छाड़ नहीं किया जाना चाहिए। विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार/तागू

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