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चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में छात्र संघ ने निकाली रैली

By HindusthanSamachar | Publish Date: May 3 2018 3:14PM
चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में छात्र संघ ने निकाली रैली
इटानगर, 03 मई (हि.स.)। अखिल अरुणाचल प्रदेश भ्रष्टाचार निरोध छात्र संघ और योबिन जनजाति छात्र संघ ने अपनी चार सूत्री मांगों के समर्थन में गुरुवार को राजधानी इटानगर में एक रैली निकाली। प्रशासन से इस रैली को निकालने की इजाजत दी थी, लेकिन बीच रास्ते में ही ऑल अरुणाचल छात्र संघ (आपसू) ने बाधित कर दिया, जिसके चलते रैली को आधे रास्ते में समाप्त करना पड़ा। छात्र संगठनों की मांग है राज्य के चांग्लांग जिला विजयनगर की पंचायती राज प्रणाली सूची से गैर-स्थानीय (असम राइफल सेवानिवृत्त सेना परिवारों के) लोगों का नाम हटाने, चांग्लांग जिला के मिओ से विजयनगर तक की सड़क को अतिशीघ्र तैयार किया जाए तथा बिना दस्तावेजों के गैर- अरुणाचलियों का नाम पंचायती व्यवस्था की सूची में शामिल करने का आरोप एवं चांग्लांग जिले के उपायुक्त और मिओ के सह उपायुक्त को निलंबित किया जाए। इन मांगों के समर्थन में दोनों संगठनों ने रैली निकाली थी लेकिन आपसू के अध्यक्ष हावा बागंग के नेतृत्व में आपसू के सदस्य द्वारा हस्तक्षेप करने पर कानून-व्यवस्था के मद्देनजर राजधानी इटानगर पुलिस ने रैली को आधे रास्ते में ही रोक दिया। रैली सुबह लगभग 8 बजे इटानगर के आकाशदीप से इंदिरा गांधी मैदान के टेनिस कोर्ट के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान बीच रास्ते में आपसू के सदस्यों ने रैली को रोकने के लिए सामने आ गए। बीच सड़क पर रैली रोक कर लगभग एक घंटे तक दोनों दोनों संगठनों के सदस्यों के बीच काफी गर्मा-गरम बहस हुई। राजधानी की पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के हस्तक्षेप के कारण हाथपाई होने से बच गयी। हालात बिगड़ते देख राजधानी पुलिस निरीक्षक सागर सिंह काशी और इटानगर पुलिस थाने के ओसी ती बागे ने रैली को आधे रास्ते में रोकने का निर्णय लिया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। इस बीच भ्रष्टाचार निरोधी छात्र संघ के अध्यक्ष ताना गनेश ने कहा कि यह रैली किसी संगठन और व्यक्ति के खिलाफ नहीं थी। यह राज्य सरकार के खिलाफ है, क्योंकि हमने अपनी मांग को राज्य सरकार को पहले ही सौंप दिया था। रैली के आयोजन के संबंध में अपनी तारीख भी प्रशासन को बतायी थी। इस संबंध में सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क नहीं होने के कारण अभी भी लोगों को अपने गांवों में पहुंचने के लिए लगभग तीन दिन पैदल चलना पड़ता है और एक किलो नमक की कीमत 150 रुपए से भी अधिक चुकानी पड़ती है। इसके बावजूद राज्य के पंचायत नियमों का उलंघन करते हुए सरकार ने गैर- अरुणाचलियों खास कर सेवानिवृत्त सेना परिवारों को पंचायत चुनाव में भाग लेने का अधिकार दे रखा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के विरुद्ध संगठन ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। हिन्दुस्थान समाचार /तागू/ अरविंद/दधिबल
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